मुंबई के कांदिवली के पोइसर और गांदेवी इलाके में कथित तौर पर दहशत और आपराधिक वर्चस्व कायम करने वाले यमेश दिलीप दरडेकर उर्फ दादा के गिरोह के खिलाफ संताक्रूज पुलिस ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1999 यानी MCOCA के तहत कार्रवाई की है. पुलिस के मुताबिक, दरडेकर ने अलग-अलग अपराधियों को साथ लेकर एक संगठित आपराधिक गिरोह तैयार किया था और आर्थिक लाभ के लिए हिंसा तथा अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था.

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हफ्ता नहीं देने पर युवक के साथ मारपीट

पुलिस के अनुसार, 15 जून 2026 की रात करीब 12:30 बजे एक शिकायतकर्ता के साथ आरोपियों ने हफ्ता नहीं देने के कारण मारपीट की. आरोप है कि पहले शिकायतकर्ता के कपड़े उतरवाकर उसके साथ गाली-गलौज की गई. इसके बाद लोहे की रॉड, लकड़ी के डंडे और लाठियों से उसके साथ मारपीट की गई.

मुख्य आरोपी यमेश दिलीप दरडेकर उर्फ दादा ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता के सिर पर लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे उसे गंभीर चोट आई. आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी. शिकायतकर्ता द्वारा शोर मचाने के बाद मौके पर जमा हुए नागरिकों को भी आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देने का आरोप है. इस घटना के बाद सांताक्रुज पुलिस स्टेशन में 15 जून 2026 को मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया.

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दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार

मामले में पुलिस ने रोहित कृष्णप्रताप सिंह, उम्र 33 वर्ष, और सागर अनिल राठोड़, उम्र 22 वर्ष, को 15 जून 2026 को गिरफ्तार किया. दोनों फिलहाल न्यायालयीन हिरासत में हैं. वहीं, मामले का मुख्य आरोपी यमेश दिलीप दरडेकर उर्फ दादा अभी फरार बताया गया है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है.

यमेश दरडेकर के खिलाफ गंभीर 37 गंभीर मामले दर्ज

पुलिस के मुताबिक, यमेश दरडेकर एक सराईत अपराधी है और उसके खिलाफ संताक्रूज पुलिस स्टेशन में गंभीर प्रकृति के कुल 37 मामले दर्ज हैं. पुलिस का कहना है कि उसने मुंबई शहर में अपराध के जरिए अपनी दहशत कायम की थी.

उसके खिलाफ जान से मारने के प्रयास, गंभीर चोट पहुंचाने, जबरन चोरी, घातक हथियार दिखाकर चोरी, गाली-गलौज और मारपीट, छेड़छाड़, शांति भंग करने के उद्देश्य से अपमान, जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने, आपराधिक साजिश, जान से मारने की धमकी और हमला जैसे गंभीर आरोपों से जुड़े मामले दर्ज हैं. पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, दरडेकर के खिलाफ पहले भी दो बार MPDA के तहत स्थानबद्ध करने और दो बार तड़ीपार करने की कार्रवाई की जा चुकी है. इसके बावजूद उसके खिलाफ आपराधिक गतिविधियों के मामले सामने आते रहे.

गिरोह के दूसरे सदस्यों का भी आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस के मुताबिक, रोहित कृष्णप्रताप सिंह भी यमेश दरडेकर के गिरोह का सदस्य है. उसके खिलाफ कुल 13 मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है. इनमें घातक हथियार दिखाकर जबरन चोरी, गाली-गलौज और मारपीट, जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना, जान से मारने की धमकी, हमला, घर में अतिक्रमण और छेड़छाड़ जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं. उसके खिलाफ समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है.

इसी तरह सागर अनिल राठोड़ को भी दरडेकर गिरोह का सदस्य बताया गया है. पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ दो मामले दर्ज हैं. इन मामलों में गाली-गलौज कर मारपीट, जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना, जान से मारने की धमकी और हमला करने के उद्देश्य से घर में अतिक्रमण जैसे आरोप शामिल हैं. वर्ष 2023 में उसके खिलाफ भारतीय दंड प्रक्रिया से संबंधित धारा 107 के तहत भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई थी.

अपराधियों को एकजुट कर बनाया गिरोह

पुलिस के मुताबिक, यमेश दरडेकर ने अलग-अलग अपराधियों को एक साथ लाकर एक संगठित आपराधिक गिरोह बनाया. पुलिस का आरोप है कि गिरोह के माध्यम से मुंबई शहर में दहशत और अपना वर्चस्व कायम करने की कोशिश की गई.

पुलिस के अनुसार, आर्थिक फायदा हासिल करने के उद्देश्य से गिरोह द्वारा हिंसा का इस्तेमाल करते हुए लगातार विभिन्न गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था. इसी आपराधिक गतिविधियों और गिरोह की पृष्ठभूमि को देखते हुए पुलिस ने MCOCA के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया.

वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बाद MCOCA

दरडेकर और उसके गिरोह के खिलाफ MCOCA के तहत कार्रवाई के लिए पुलिस ने प्रस्ताव तैयार किया. यह प्रस्ताव पुलिस उपायुक्त, परिमंडल-3, मुंबई गजानन शिवलिंग राजमाने के मार्गदर्शन में तैयार कर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, उत्तर प्रादेशिक विभाग के समक्ष प्रस्तुत किया गया.

इसके बाद अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, पश्चिम प्रादेशिक विभाग ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1999 की धारा 3(1)(ii), 3(2) और 3(4) को लागू करने की अनुमति दी. इसके बाद संताक्रूज पुलिस स्टेशन में दर्ज मामलों के आधार पर यमेश दरडेकर और उसके गिरोह के खिलाफ MCOCA के तहत कार्रवाई की गई.

आगे की जांच करेंगे सहायक पुलिस आयुक्त कैलास वर्ने

संताक्रूज पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध, हफ्ता वसूली, दहशत फैलाने वाले गिरोह और गंभीर अपराधों के खिलाफ लगातार सख्त प्रतिबंधात्मक एवं कानूनी कार्रवाई की जा रही है, ताकि ऐसे आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके.

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