Mumbai News: 'कितने बांग्लादेशी फेरीवाले पकड़े', संजय निरुपम ने उठाए सवाल, CM से करेंगे मुलाकात
Bombay High Court: संजय निरुपम ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फेरीवालों पर दिए आदेश को ऐतिहासिक बताया. उन्होंने BMC और पुलिस पर हफ्ता वसूली के लिए TVC चुनाव न कराने का आरोप लगाया.

बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) द्वारा 23 मार्च को फेरीवालों (Street Vendors) के संदर्भ में दिए गए आदेश को शिवसेना नेता संजय निरुपम ने ऐतिहासिक करार दिया है. इस फैसले का स्वागत करते हुए निरुपम ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और मुंबई पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस और बीएमसी अधिकारी जानबूझकर फेरीवालों के लिए कोई लीगल बॉडी नहीं बनने दे रहे हैं, ताकि उनका सालाना सैकड़ों करोड़ रुपये की हफ्ता वसूली का अवैध धंधा चलता रहे.
'जारी करें चुनाव परिणाम'
संजय निरुपम ने 'स्ट्रीट वेंडर एक्ट' को अब तक लागू न किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने मांग की है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब बीएमसी को तुरंत इस एक्ट को लागू करना चाहिए और टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) के चुनाव परिणाम घोषित करने चाहिए. TVC में करीब 20 सदस्य होंगे, जिनमें से 6 लोग फेरीवालों का प्रतिनिधित्व करेंगे और कुछ सरकारी अधिकारी होंगे. निरुपम ने याद दिलाया कि हाईकोर्ट ने 2014 में ही TVC गठित करने का स्पष्ट आदेश दिया था, लेकिन 12 साल बीत जाने के बाद भी बीएमसी ने इसे नहीं बनाया.
'बांग्लादेशियों के नाम पर वैध फेरीवालों का उत्पीड़न'
संजय निरुपम ने मुंबई पुलिस को सीधा चैलेंज देते हुए कहा कि वह बताए कि उसने पिछले 2 महीनों में कितने 'अवैध बांग्लादेशी फेरीवालों' पर कार्रवाई की है. उन्होंने दावा किया कि पुलिस के पास ऐसे किसी भी फेरीवाले का नाम या डेटा नहीं है. निरुपम ने कहा, "बांग्लादेशी फेरीवालों जैसा कुछ है ही नहीं. इसके नाम पर पुलिस और बीएमसी उन वैध फेरीवालों पर कार्रवाई कर रही है, जो बीएमसी में रजिस्टर्ड हैं." उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर पुलिस को वाकई में अवैध बांग्लादेशी ढूंढने हैं, तो वह लेदर मार्केट और जरी का काम करने वाले कारखानों में जाकर मजदूरों की जांच करे.
केंद्र की योजना और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई में विरोधाभास
निरुपम ने केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन के रवैये में बड़े विरोधाभास की ओर इशारा किया. उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi) के तहत फेरीवालों को अपना व्यवसाय चलाने के लिए लोन दिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय पुलिस और बीएमसी उन्हें अवैध बताकर परेशान कर रही है. वर्तमान में बीएमसी में 1 लाख से ज्यादा फेरीवाले विधिवत रूप से रजिस्टर्ड हैं.
संजय निरुपम ने स्पष्ट किया है कि पुलिस की इसी विफलता के कारण हाईकोर्ट को अवैध फेरीवालों की पहचान कर उन्हें डिपोर्ट करने का आदेश देना पड़ा है. उन्होंने ऐलान किया है कि लाखों रजिस्टर्ड फेरीवालों के अधिकारों की रक्षा और इस मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए वे जल्द ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे.

























