मुंबई महानगरपालिका के मेयर पद की लॉटरी नई चक्राकार पद्धति से निकाली जाएगी. मुंबई में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी और सामान्य वर्ग से मेयर चुना जाएगा. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पुरानी चक्राकार पद्धति के अनुसार लॉटरी निकाली गई तो इस बार अनुसूचित जनजाति का मेयर बनने की संभावना है.
पुरानी पद्धति से महायुति को लगेगा बड़ा झटका
यदि पुरानी चक्राकार पद्धति का क्रम अपनाया गया, तो महायुति को बड़ा झटका लगेगा. कारण बीजेपी यह है कि महायुति में शामिल बीजेपी और शिवसेना दोनों के पास अनुसूचित जनजाति वर्ग का एक भी नगरसेवक नहीं है. इस वर्ग के नगरसेवक केवल उद्धव ठाकरे की शिवसेना में हैं.
2004 से वर्गों का क्रम लगातार नहीं अपनाया गया . इसलिए एक बार फिर नई चक्राकार पद्धति से लॉटरी निकाले जाने की संभावना जताई जा रही है. नई चक्राकार पद्धति से भी यदि अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार की पर्ची निकलती है, तो बीजेपी–शिवसेना को झटका लगना तय है.
इसी कारण 'अगर भगवान की इच्छा होगी तो मेयर बनेगा' उद्धव ठाकरे के इस बयान के पीछे क्या इन नियमों की पृष्ठभूमि थी, ऐसी चर्चा शुरू हो गई है. अनुसूचित जनजाति वर्ग के नगरसेवक केवल ठाकरे की शिवसेना में हैं. प्रभाग 53 और प्रभाग 121 अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित थे. इन दोनों क्षेत्रों में सभी दलों ने उम्मीदवार उतारे, लेकिन दोनों ही स्थानों पर उद्धव ठाकरे की शिवसेना के उम्मीदवार विजयी हुए.
प्रभाग 53 से जितेंद्र वलवी ने जीत हासिल की और उन्होंने एकनाथ शिंदे की शिवसेना के अशोक खांडवे को पराजित किया. वहीं, प्रभाग 121 से प्रियदर्शनी ठाकरे विजयी हुईं. प्रियदर्शनी ठाकरे ने एकनाथ शिंदे की उम्मीदवार प्रतिमा खोपडे को हराया.
22 जनवरी को मेयर पद के आरक्षण की लॉटरी
राज्य की सभी 29 महानगरपालिकाओं के मेयर पद के आरक्षण की सोडत 22 जनवरी को निकाली जाएगी. 22 जनवरी को सुबह 11 बजे सभी महानगरपालिकाओं के लिए यह प्रक्रिया होगी. उसी दिन यह तय हो जाएगा कि किस महानगरपालिका में किस वर्ग का मेयर होगा. नगर विकास विभाग द्वारा मंत्रालय में यह सोडत निकाली जाएगी.
मुंबई महानगरपालिका का संख्याबल क्या है ?
बीजेपी – 89
शिवसेना (ठाकरे गुट) – 65
शिवसेना – 29
कांग्रेस – 24
MNS – 6
AIMIM – 8
एनसीपी – 3
एसपी – 2
शरद पवार गुट – 1
कुल – 227