बीएमसी की मेयर की कुर्सी पर एक महिला बैठेगी. इसका फैसला गुरुवार (22 जनवरी) को लॉटरी से तय हुआ. लॉटरी से तय आरक्षण में बीएमसी के लिए सामान्य वर्ग की महिला  का कोटा सामने आया. अब सवाल है कि वो महिला कौन होगी और किस पार्टी से होगी जो बीएमसी की सत्ता संभालेंगी? आरक्षण तय होने के बाद जिस महिला नगरसेवक का नाम सबसे आगे चल रहा है उसमें बीजेपी की तेजस्वी घोसालकर का नाम है. बीएमसी के वार्ड नंबर 2 से उन्होंने जीत हासिल की. पहले उद्धव ठाकरे की पार्टी में थीं बाद में बीजेपी में चुनाव से ठीक पहले शामिल हुईं और जीत हासिल की. वह पूर्व पार्षद अभिषेक घोसालकर की पत्नी हैं. अभिषेक की फेसबुक लाइव के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

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तेजस्वी घोसालकर का सियासी सफर

तेजस्वी घोसालकर ने उद्धव गुट की उम्मीदवार धनश्री कोलगे को हराया था. 2017 में तेजस्वी घोसालकर ने उद्धव ठाकरे की अविभाजित शिवसेना के टिकट पर बीएमसी के वार्ड नंबर 1 से जीत हासिल की थी. 15 दिसंबर 2025 को उन्होंने उद्धव गुट से अलग होकर बीजेपी का दामन थाम लिया. उनके पति अभिषेक घोसालकर की फरवरी 2024 में हत्या कर दी थी गई थी. अभिषेक एक बैंक के डायरेक्टर थे.

बीजेपी से तय माना जा रहा है मेयर

बीएमसी में मेयर पद के लिए शिवसेना ने भी जोर लगाया है लेकिन पॉलिटिकल कॉरिडोर में ये माना जा रहा है कि मेयर पद पर बीजेपी ही अपना मेयर बैठाएगी. बीएमसी चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और कहा जा रहा है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद बीजेपी का मेयर तय है. बीजेपी ने शिवसेना के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा और 89 सीटों पर जीत हासिल की. वहीं, शिवसेना ने 29 सीटों पर जीत हासिल की. दोनों के आंकड़ों को मिला दें तो बहुमत के 114 से चार ज्यादा 118 है.

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शिवसेना के सत्ता में होने के बावजूद उद्धव ठाकरे गुट ने एकनाथ शिंदे की पार्टी से ज्यादा सीटें जीतीं. उद्धव की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) ने 65 सीटों पर जीत हासिल की.