महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बृहन्मुंबई महानगर पालिका के चुनावों में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ आ तो गए हैं लेकिन उनके सामने चुनौतियां कम नहीं हैं. वर्ष 2024 में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना 6 में से तीन लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी. एक सीट पर शिवसेना UBT महज 34 मतों से हारी थी. लोकसभा चुनावों के समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और नेश्नलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के साथ थी.

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माना जाता है कि मुंबई में शिवसेना UBT की इस जीत में मुस्लिम, दलित मतदाताओं की अहम भूमिका थी. इन मतदाताओं को मुंबई में कांग्रेस का आधार माना जाता है. इसके साथ ही मुंबई में रहने वाले पश्चिमी महाराष्ट्र क्षेत्र के मतदाताओं का भी साथ शिवसेना (UBT) को मिला. यह क्षेत्र शरद पवार के प्रभाव वाला माना जाता है.  अब हालिया चुनाव में शिवसेना UBT के साथ कांग्रेस नहीं है. कांग्रेस का दावा है कि ठाकरे बंधुओं के गठबंधन में उन्हें उचित सीटें नहीं मिलीं. इसके साथ ही राज ठाकरे की अगुवाई वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना द्वारा उत्तर भारतीयों पर पूर्व में किए गए हिंसक हमलों और राज ठाकरे के बयानों के चलते भी पार्टी इस चुनाव में गठबंधन के साथ आने में असहज थी. 

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ठाकरे बंधुओं के गठबंधन की बात करें तो मुंबई में इनके पास 7 फीसदी के करीब वोट है. हालांकि इस अलायंस को जीत के लिए 227 में से 113 सीटें हासिल करनी होंगी. इसके लिए इन्हें कम से कम 6 फीसदी वोट की जरूरत और होगी. मतदाताओं को अपने साथ लाने के लिए ठाकरे बंधु ज्यादा से ज्यादा रैली करेंगे और कार्यकर्ताओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे. 

BMC में BJP के पास अपना 27 फीसदी वोट शेयर

उधर, भारतीय जनता पार्टी की बात करें तो ठाकरे बंधुओं के अलायंस के बावजूद उसके पास अपना 27 फीसदी वोट शेयर है. इसमें करीब 5 फीसदी का वोट शेयर शिंदे सेना भी जोड़ सकती है. 

2024 में ही संपन्न हुए विधानसभा चुनावों की बात करें तो मुंबई में बीजेपी 15, शिंदे सेना ने 6 और अजीत पवार की अगुवाई वाली एनसीपी ने 1 सीट हासिल की थी.

BMC में ठाकरे बंधुओं के सामने क्या चुनौती?

विधानसभा चुनाव के परिणामों और महाविकास अघाड़ी के घटक दलों के अलग-अलग चुनाव लड़ने के आधार पर ही बीजेपी और शिंदे सेना अपनी जीत पक्की मान कर चल रहे हैं. 

उधर, ठाकरे बंधुओं की एक चिंता और भी है. चूंकि कांग्रेस, एनसीपी एसपी, समाजवादी पार्टी, ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं ऐसे में शिवेसना UBT के लिए लोकसभा वाला प्रदर्शन दोहराना मुश्किल हो सकता है.

ऐसे में ठाकरे बंधुओं को अगर अपनी जीत पक्की करनी है तो उन्हें उन मतदाताओं तक भी अपनी पहुंच बनानी होगी जिन्होंने कांग्रेस और एनसीपी एसपी के साथ होने से लोकसभा में उन्हें वोट किया था. ठाकरे बंधुओं को बीएमसी में जीत के लिए दलित, मुस्लिम, मराठी मतों को एकजुट करना ही होगा.

मुंबई में लोकसभा वार कौन किस सीट पर मौजूद?

मुंबई नॉर्थ लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के पीयूष गोयल सांसद हैं, जबकि मुंबई नॉर्थ सेंट्रल सीट कांग्रेस की वर्षा गायकवाड़ के पास है. मुंबई नॉर्थ ईस्ट से शिवसेना (यूबीटी) के संजय दीना पाटिल सांसद हैं, वहीं मुंबई नॉर्थ वेस्ट सीट से शिवसेना के रविंद्र वायकर प्रतिनिधित्व करते हैं. दक्षिण मुंबई में, मुंबई साउथ लोकसभा क्षेत्र से शिवसेना (यूबीटी) के अरविंद सावंत सांसद हैं, जबकि मुंबई साउथ सेंट्रल से भी शिवसेना (यूबीटी) के ही अनिल देसाई सांसद हैं.