बीएमसी चुनाव के लिए रामदास अठावले की पार्टी RPI ने 39 कैंडिडेट की लिस्ट जारी की. इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कहा कि बीएमसी चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शिवसेना के बीच हुए सीट बंटवारे के समझौते से उनकी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया-अठावले (आरपीआई-(ए)) को बाहर रखा जाना ‘विश्वासघात’ है. बीजेपी और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच 137 और 90 सीट पर समझौता हुआ है. बीएमसी में कुल 227 वार्ड हैं. 

हमारे स्वाभिमान पर हमला- अठावले

अठावले ने समझौते से बाहर रखे जाने पर नाराजगी जताते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘महायुति के गठन के बाद से हम पूरी निष्ठा और दृढ़ता से गठबंधन के साथ खड़े रहे हैं लेकिन सीट बंटवारे को लेकर आज जो हुआ है, वह विश्वासघात है.’’ उन्होंने दावा किया कि सोमवार को शाम चार बजे चर्चा के लिए एक बैठक तय थी लेकिन गठबंधन सहयोगी अपनी प्रतिबद्धता निभाने में विफल रहे. उन्होंने कहा कि यह केवल समय की बर्बादी नहीं है, बल्कि हमारे स्वाभिमान पर हमला है.

अपमान बर्दाश्त नहीं करूंगा- अठावले

अठावले ने कहा, ‘‘मुंबई निकाय चुनाव नजदीक हैं. मैं अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करूंगा." इस बीच, आरपीआई (ए) के सूत्रों ने कहा कि पार्टी के उम्मीदवार 50 सीट पर नामांकन दाखिल करेंगे. पार्टी के एक सूत्र ने कहा, ‘‘नामांकन वापस लेने के लिए अब भी समय है. देखते हैं कि क्या सम्मानजनक चर्चा होती है और नामांकन वापस लेने या सौहार्दपूर्ण चुनाव लड़ने का निर्णय लिया जाता है. तब तक, हम अकेले ही 50 सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं.’’

अजित पवार भी अलग लड़ रहे BMC चुनाव

जहां बीजेपी और शिवसेना ने सीट बंटवारे के समझौते की घोषणा की है, वहीं महायुति का एक अन्य घटक दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव अलग लड़ रहा है.