भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक आशीष देशमुख ने सोमवार (23 जून) को कहा कि केंद्र सरकार को मजबूत बनाने के लिए विपक्षी सांसदों का राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में स्वागत है, लेकिन महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति में विपक्षी विधायकों को शामिल करने की क्या जरूरत है?

Continues below advertisement

आशीष देशमुख ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के पास पहले ही दो-तिहाई बहुमत है. ऐसे में और विधायकों को शामिल करने से, पहले से गठबंधन में शामिल लोगों की स्थिति कमजोर हो सकती है.

दो विधायकों ने साफ किया, शिंदे गुट में होंगे शामिल

Continues below advertisement

शिवसेना यूबीटी के 9 लोकसभा सदस्यों में से 6 की बगावत के बीच बीजेपी विधायक का यह बयान आया है. इनमें से दो विधायकों ने उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली सत्तारूढ़ शिवसेना में जाने की पुष्टि की है. आशीष देशमुख ने कहा कि विपक्ष के लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों के दल बदलने से केंद्र सरकार को मजबूती मिलेगी.

यह भी पढ़ें: उद्धव ठाकरे से दूरी तय! दोपहर तीन बजे एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होंगे बागी सांसद

नागपुर की सावनेर विधानसभा सीट से विधायक आशीष देशमुख ने कहा, ‘‘मैं उनके कदम का स्वागत करता हूं क्योंकि हमें कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित करने के लिए केंद्र के मजबूत होने की जरूरत है, लेकिन क्या हमें महाराष्ट्र में विपक्षी विधायकों की वाकई आवश्यकता है?’’

'बाहर से विधायक लाने पर कमजोर होंगे महायुति के एमएलए'

उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभा में 288 विधायकों में सत्तारूढ़ गठबंधन के 237 विधायक हैं जिनमें बीजेपी, शिवसेना और सुनेत्रा पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सदस्य शामिल हैं. अगर और विधायकों को शामिल किया जाता है तो सत्तारूढ़ महायुति के विधायकों के साथ अन्याय हो सकता है. जानकारी के लिए बता दें कि उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हाल में संकेत दिया था कि विपक्ष के कई नेता उनकी पार्टी में शामिल हो सकते हैं.

पीटीआई भाषा के इनपुट के साथ

यह भी पढ़ें: Maharashtra MLC Election Results: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव मतगणना जारी, आज होगा दिग्गजों की किस्मत का फैसला