मुंबई की राजनीति में महापौर को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी के नेता नितेश राणे ने इस मुद्दे पर विपक्ष और खासतौर पर ठाकरे गुट को निशाने पर लिया है. उन्होंने कहा कि कुछ खास बयानों पर पहले चुप्पी साधी गई, लेकिन जैसे ही उत्तर भारतीय महापौर की बात आई, हंगामा खड़ा कर दिया गया.

Continues below advertisement

पुराने बयानों पर क्यों नहीं हुआ विरोध

नितेश राणे ने कहा, "कई दिनों से वारिस पठान बोल रहे हैं कि मुंबई का मेयर कोई अब्दुल, पठान, खान बनेगा, तभी कोई भी ठाकरे सेना ने आक्षेप नहीं लिया." उनका कहना था कि उस वक्त किसी ने सवाल नहीं उठाए और न ही कोई विरोध देखने को मिला.

बुर्का वाली मेयर की बात पर भी चुप्पी

भारतीय जनता पार्टी के नेता नितेश राणे ने आगे कहा, "उसी तरीके से वारिस पठान ने यह भी कहा था कि कोई बुर्का वाली मुंबई की मेयर बन सकती है, तभी भी इन लोग की हिम्मत नहीं हुई उसको विरोध करने की." उनके मुताबिक, इन बयानों पर चुप रहना दोहरे मापदंड दिखाता है.

Continues below advertisement

उत्तर भारतीय नाम आते ही बवाल

भारतीय जनता पार्टी के नेता नितेश राणे ने कहा, "कृपाशंकर सिंह ने कल कहा कि कोई उत्तर भारतीय मुंबई का महापौर बन सकता है, तब इनको सभी को हरी मिर्ची लग गई." उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को जानबूझकर भड़काया जा रहा है.

हिंदुओं में फूट का आरोप

भाजपा नेता नितेश राणे ने कहा, "जैसे की इन्होंने हिंदुओं में फूट डालने की सुपारी ले ली है." नितेश राणे ने महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस के बयान का हवाला देते हुए कहा, "कोई कुछ भी कहे, जैसे हमारे देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट कर दिया है कि मुंबई का महापौर मराठी ही होगा और हिंदू ही होगा और वो हमारा ही होगा और वो ही सच्ची बात है."