महाराष्ट्र के दिवंगत नेता अजित पवार की बारामती विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने जा रहे हैं, जिसके लिए उनकी पत्नी और महाराष्ट्र की मौजूदा उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार मैदान में हैं. पहले सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति के नेता यह उम्मीद जता रहे थे कि सुनेत्रा पवार के सामने कोई और उम्मीदवार नहीं होगा और वह निर्विरोध चुनाव जीत जाएंगी. हालांकि, कांग्रेस ने चुनावी मैदान में आकाश मोरे को अपना कैंडिडेट बनाकर सभी को चौंका दिया. इसको लेकर अब बीजेपी के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का बड़ा बयान आया है.
पहले तो चंद्रशेखर बावनकुले ने कांग्रेस से आग्रह किया कि अपना उम्मीदवार वापस ले लें और फिर चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं करते हैं तो अब तक की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा. न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, "कांग्रेस पार्टी से मेरी रिक्वेस्ट है कि वह उम्मीदवार ने दें. सुनेत्रा पवार को चुनकर लाएं और उन्हें समर्थन दें. महाराष्ट्र के इतिहास में कई उदाहरण ऐसे हैं कि हमने समर्थन दिया है."
'अजित पवार की कांग्रेस नेताओं से थी अच्छी दोस्ती'- बावनकुले
वहीं, अजित पवार से कांग्रेस के संबंधों का उदाहरण देते हुए चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, "अजित दादा के कांग्रेस नेताओं के साथ अच्छे संबंध थे. उनका 80 फीसदी जीवन कांग्रेस के नेताओं के साथ बीता. अजित पवार ने कांग्रेस के कई नेताओं के साथ काम किया है." इस उदाहरण से बावनकुले कांग्रेस को यह बताना चाहते हैं कि अजित पवार के सम्मान में उनकी सीट पर उम्मीदवार न खड़ा करें.
'कांग्रेस के इतिहास में इतनी बड़ी पराजय नहीं देखेंगे'- बावनकुले
वहीं, कांग्रेस को चेताते हुए चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, "महाराष्ट्र के इस संस्कार-संस्कृति का जतन करना चाहिए और कांग्रेस को अपना नाम वापस ले लेना चाहिए. अगर कांग्रेस अपने उम्मीवार का नाम वापस नहीं लेती है तो आज तक के इतिहास में यह कांग्रेस की सबसे बड़ी हार होगी. इतनी बड़ी हार उन्होंने कभी नहीं देखी होगी."
