अजित पवार प्लेन क्रैश पर FIR की मांग के बीच हंगामा, स्थानीय लोगों के साथ बारामती थाने पहुंचे रोहित पवार
Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार के निधन के बाद रोहित पवार ने मोर्चा खोल रखा है. इस हादसे की जांच के लिए वे शिकायत देने बारामती थाने पहुंचे हैं.

महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के प्लेन कैश में निधन होने से राज्य की सियासत गरमा गई है. इस दुर्घटना को रोहित पवार ने साजिश करार दिया है.रोहित पवार ने मामले की जांच के लिए मोर्चा खोल रखा है. इस बीच वे बारामती थाने में एफआईआर की मांग और मामले की शिकायत देने पहुंचे हैं.
इस बीच रोहित पवार अंदर जा रहे थे तो उस समय काफी हंगामा देखने को मिला है. उनके साथ युगेंद्र पवार और राजेंद्र पवार भी है. रोहित पवार काफी संख्या में लोगों की भीड़ के साथ थाने पहुंच गए हैं. जानकारी के मुताबिक थाने पर हंगामे की स्थिति पैदा हो गई है.
DGCA के खिलाफ शिकायत
रोहित पवार इस विमान हादसे को लेकर डीजीसीए के खिलाफ शिकायत देने पहुंचे हैं. रोहित पवार ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू पर गंभीर आरोप लगाए और मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है.
मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में भी दे चुक हैं शिकायत
NCP (SP) विधायक रोहित पवार ने बुधवार (25 फरवरी 2026) को मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार दुर्घटना मामले में मेसर्स वी.आर.एस. वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दी थी.
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायत में घटना के संदर्भ में इससे पहले 28 जनवरी 2026 को पुणे जिले के बारामती तालुका पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु दर्ज क्रमांक 11/2026, धारा 194 भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया था. इस प्रकरण की विस्तृत जांच वर्तमान में स्टेट क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट, महाराष्ट्र द्वारा की जा रही है.
चूंकि 25 फरवरी को प्रस्तुत शिकायत भी उक्त घटना से संबंधित पाई गई है, इसलिए आगे की कार्रवाई हेतु यह शिकायत आवेदन राज्य अपराध अन्वेषण विभाग, पुणे को अग्रेषित कर दिया गया है.
रोहित पवार ने हादसे पर किया ये दावा
उनका दावा है कि 28 जनवरी को हुई घातक विमान हादसे में शामिल कंपनी 'वीएसआर' को बचाने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा कि हादसे के दिन जब अजित पवार का शव अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए रखा था, उसी समय दोपहर 1:36 बजे डीजीसीए ने शुरुआती रिपोर्ट जारी कर दी. रोहित पवार के अनुसार, उस रिपोर्ट में कहा गया कि फरवरी में वीएसआर कंपनी का ऑडिट किया गया था और उसमें 'लेवल-1 सुरक्षा कमी' नहीं पाई गई.
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Source: IOCL



























