मुगल शासक औरंगजेब से जुड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब कब्र को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है. इस बीच कब्र के केयरटेकर की प्रतिक्रिया सामने आई है. फिरोज अहमद कबीर अहमद ने कहा कि अभी विवाद तो सोशल मीडिया और न्यूज पर बहुत ज्यादा चल रहा है. उन्होंने अपील की कि इसके ऊपर हुकूमत (सरकार) को लगाम लगाना चाहिए.

सरकार को इसकी हिफाजत करनी चाहिए- खादिम

न्यूज़ एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा, "वो भी एक मुगल बादशाह हैं. हिंदुस्तान पर 50 सालों तक हुकूमत की. माहौल जो बाहर खराब किया जा रहा है इस पर कार्रवाई होना चाहिए. कब्र की देखरेख करना हम खादिमों और एएसआई के अंडर में है. महाराष्ट्र सरकार और सेंट्रल गवर्नमेंट भी इसकी हिफाजत करती है, उनका काम है इसकी हिफाजत करना."

कारसेवा की चेतावनी

महाराष्ट्र के संभाजीनगर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. दरअसल, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की तरफ से कारसेवा करने की चेतावनी दी गई है. इसके बाद औरंगजेब की कब्र और उसके आस पास के इलाके में सुरक्षा में इजाफा किया गया है. कब्र पर जाने वाले हर शख्स की चेकिंग की जा रही है.

कब्र पर जाने वाले लोगों की जानकारी पुलिस एक रजिस्टर में दर्ज कर रही है. वो कहां से आएं हैं और उनका मोबाइल नंबर क्या है ये पुलिस रजिस्टर में एंट्री कर रही है. 

क्या बोले रामदास अठावले?

पुलिस ने एबीपी न्यूज़ को बताया, "पूरे इलाके में फिलहाल शांति है." इस बीच केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, "औरंगजेब की कब्र को हटाने की जरूरत नहीं है. औरंगजेब को यहीं गाड़ दिया गया है. इसमें राजनीति करने की कोई जरूरत नहीं है. औरंगजेब को अच्छा प्रशासक बताने की भी जरूरत नहीं है. बीजेपी का इससे कोई संबंध नहीं है. उनके कारनामों को याद रखने के लिए वहां पर कब्र होनी चाहिए."

सावरकर के पोते ने क्या कहा?

वहीं, विनायक दामोदर सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने कहा, "जो आक्रांता हमारे ऊपर अत्याचार करें और जब हम स्वतंत्र हों तो हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है कि उसकी सारी निशानी हटा देनी चाहिए."