महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है. शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम के कुलनाम को लेकर की गई टिप्पणी पर बीजेपी विधायक राम कदम ने तीखा हमला बोला है.

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'अहंकार के कारण सब कुछ खो दिया'

राम कदम ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने अपने अहंकार के कारण सब कुछ खो दिया है. उनके मुताबिक, अब हालात ऐसे बन गए हैं कि उद्धव ठाकरे को याचना का कटोरा लेकर अपने ही भाई के दरवाजे पर जाना पड़ रहा है. जिसे उन्होंने कभी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया था.

राम कदम ने दावा किया कि एक दिन ऐसा भी आएगा जब उद्धव ठाकरे इसी तरह याचना का कटोरा लेकर एकनाथ शिंदे साहेब के द्वार पर जाएंगे और कहेंगे कि उन्हें भी बालासाहेब की असली शिवसेना में ले लो.

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हिंदुत्व और इतिहास का किया जिक्र

राम कदम ने अपने बयान में यह भी कहा कि खुद के पिता के हिंदुत्व के साथ गद्दारी करने वाले उद्धव ठाकरे कान खोलकर सुन लें. उन्होंने महाभारत और रामायण का संदर्भ देते हुए कहा, “ना द्वापार में, ना त्रेता युग में दुर्योधन का और ना ही रावण का अहंकार टिका.” उनके अनुसार, अहंकार का अंत हमेशा पतन ही होता है.

मराठी अस्मिता का मुद्दा

बीजेपी विधायक राम कदम ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे ने केवल अमित साटम के मराठी सरनेम का मज़ाक नहीं उड़ाया, बल्कि सभी मराठी भाइयों का अपमान किया है. राम कदम ने कहा कि अब मराठी समाज इसका जवाब देगा और मराठी आदमी आपको कैसे सबक सिखाएगा, यह आने वाले समय में दिखेगा.

इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में तल्खी और बढ़ गई है. बीजेपी और शिवसेना (यूबीटी) के बीच पहले से चल रही सियासी खींचतान अब मराठी अस्मिता और नेतृत्व के सवाल पर और तेज होती दिख रही है.