महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव में जीत पाने के बाद मुंब्रा की AIMIM पार्षद सहर यूनुस शेख ने बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि अगले चुनाव में पूरे मुंब्रा को 'हरा' रंगना है. पार्षद के इस बयान के बाद से महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज है और सत्तारूढ़ महागठबंधन महायुति लगातार AIMIM को घेरे में ले रही है. 

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इस बीच मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है, "यह छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज का महाराष्ट्र है. इस महाराष्ट्र के मराठा ने पूरे मुल्तान और पेशावर तक हिंदवी स्वराज का झंडा लहराया था."

'मराठों की जन्मभूमि को कोई हरा नहीं कर सकता'

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बीजेपी अध्यक्ष ने आगे चेतावनी के लहजे में कहा, "जिस महाराष्ट्र के मराठों ने ये काम किया उन मराठों की जन्मभूमि को हरा करने का ये सपना आने वाले 100 जन्मों में भी पूरा नहीं होगा."

'उनकी 100 पुश्तें भी नहीं हटा सकतीं भगवा'

असदुद्दीव ओवैसी की पार्टी और पार्षदों पर हमला बोलते हुए अमित साटम ने कहा, "आप जैसे समज विघाटक देश विघाटक और अलगाववादी ताकतों से सहानुभूति रखने वाले लोग, इस देश को विभाजित करने की साजिश रच रहे हैं. आपकी आने वाली 100 पुश्तें भी इस देश से भगवा रंग और भगवा झंडे को हटाने में कामयाब नही होंगी. पूरे भारत को हरा करने का छोड़ो, आपके ऊपर का हरा रंग भी आने वाले समय में मिट जाएगा."

अमित साटम ने निशाना साधते हुए कहा, "कुछ लोग सेक्युलरिज्म का मुखौटा आगे करके समाज विरोधी शक्तियों से सहानुभूति व्यक्त करने का काम कर रहे हैं. दुनिया के दूसरे अंतरराष्ट्रीय शहरों में जैसे रंग बदलने का काम हुआ है, ऐसा यहां नहीं हो सकेगा."

'हरा रंग केवल रंग नहीं मानसिकता है'

अमित साटम का कहना है कि हरा रंग केवल रंग की बात नहीं है बल्कि मानसिकता की बात है. यह मानसिकता समाज विरोधी है. इस देश को विभाजित करने की मानसिकता है. इन्हें डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के संविधान पर चलने वाला भारत नहीं चाहिए, बल्कि अलग रंग में रंगा भारत चाहिए. इससे हमें ऐतराज है.