महाराष्ट्र की राजनीति में बन रहे नए समीकरण? शरद पवार से मिले अजित दादा के खास नेता सुनील तटकरे
Maharashtra Politics: सुनील तटकरे ने इसे केवल शरद पवार की तबीयत पूछने के लिए हुई मुलाकात बताया, लेकिन इसकी टाइमिंग को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं. अटकलें हैं कि राज्य में नया समीकरण बन रहा है

- राजनीतिक गलियारों में मुलाकात को लेकर अटकलें जारी.
महाराष्ट्र की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है. राष्ट्रवादी कांग्रेस (NCP) के प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे वरिष्ठ नेता शरद पवार से मिलने पहुंचे हैं. मुंबई स्थित ‘सिल्वर ओक’ निवास पर तटकरे ने शरद पवार से मुलाकात की. हाल ही में राष्ट्रवादी कांग्रेस में चल रही राजनीतिक हलचलों और राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सूची में तटकरे का नाम नहीं होने की खबरों के बाद इस मुलाकात को खास महत्व दिया जा रहा है.
बताया जा रहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस में विभाजन के बाद सुनील तटकरे की शरद पवार से यह पहली मुलाकात है. एक तरफ राष्ट्रवादी कांग्रेस के विलय की चर्चाएं चल रही हैं. वहीं, दूसरी तरफ ऐसी खबरें सामने आ रही थीं कि सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल इस विलय के विरोध में हैं. इसी बीच आज तटकरे ने शरद पवार से मुलाकात की.
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तटकरे ने कहा- तबीयत पूछने आया था
सुनील तटकरे ने कहा कि शरद पवार की तबीयत पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं थी, इसलिए उन्होंने उनसे मिलने के लिए समय मांगा था. सुनील तटकरे ने जवाब दिया कि आज समय मिलने पर वो उनसे मिलने पहुंचे. तटकरे ने स्पष्ट किया कि इस मुलाकात के पीछे कोई राजनीतिक कारण नहीं है और इसमें कोई राजनीति नहीं है. उन्होंने कहा, "मेरा दौरा केवल उनके हालचाल जानने के लिए था और किसी भी राजनीतिक बात पर चर्चा नहीं हुई." हालांकि, महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार और उनके पुराने सहयोगियों की मुलाकातें कभी सामान्य नहीं मानी जाती. इसलिए अटकलों का दौर जारी है.
मुलाकात के समय को लेकर चर्चा
हालांकि, सुनील तटकरे ने इसे केवल शरद पवार की तबीयत पूछने के लिए हुई मुलाकात बताया, लेकिन इसकी टाइमिंग को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं. सुनील तटकरे राष्ट्रवादी कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हैं, जबकि प्रफुल पटेल राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं. हालांकि, चुनाव आयोग को पार्टी की ओर से भेजे गए पत्र में इन पदों का उल्लेख नहीं था. इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई थी कि क्या ये दोनों नेता अब भी इन पदों पर बने हुए हैं या नहीं.
एक तरफ ये सियासी घटनाक्रम तो दूसरी तफ सुनेत्रा और पार्थ पवार ने , प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे ने असम का संयुक्त दौरा किया. इस दौरे के जरिए पार्टी ये दिखाने की कोशिश कर रही है कि पार्टी में किसी तरह का मतभेद नहीं है. इन सबके बीच अब सुनील तटकरे की शरद पवार से हुई मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है.
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