महाराष्ट्र की राजनीति आज (28 जनवरी) एक बड़े नेता अजित पवार को खोकर शोक में डूब गई है. इस मौके पर राज ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने विचार साझा किए और पवार के योगदान को याद किया. राज ठाकरे ने लिखा कि उनका और अजित पवार का राजनीतिक सफर एक ही समय में शुरू नहीं हुआ. लेकिन दोनों के बीच परिचय बाद में हुआ.

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उन्होंने कहा कि अजित पवार का राजनीति के प्रति प्रेम और समर्पण उन्हें महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा मुकाम दिलाने वाला गुण था. पवार साहब अपने परिवार के संरक्षण में तैयार हुए नेता थे. लेकिन उन्होंने अपनी स्वतंत्र पहचान बनाई और वह महाराष्ट्र के हर कोने में स्थापित हो गई.

प्रशासन को अच्छी तरह समझते थे पवार- राज ठाकरे

राज ठाकरे ने 1990 के दशक का उदाहरण देते हुए बताया कि जब महाराष्ट्र में शहरीकरण बढ़ रहा था और ग्रामीण क्षेत्र अर्धशहरी बन रहे थे. उस समय अजित पवार ने ग्रामीण राजनीति और स्थानीय समस्याओं को कुशलता से संभाला. पिंपरी-चिंचवड़ और बारामती जैसे क्षेत्र उनके नेतृत्व में पूरी तरह बदल गए, और विरोधी भी इस बात को मानते हैं.

उन्होंने कहा कि अजित पवार प्रशासन को अच्छी तरह समझते थे और किसी भी फाइल या मामले में सही निर्णय लेने का अनुभव रखते थे. स्पष्टवादिता और सडेतोड अंदाज उनके व्यक्तित्व की खासियत थी. काम हो या न हो, वे हमेशा सच्चाई बताने वाले नेता थे और कोई भ्रम नहीं फैलाते थे.

व्यक्तिगत मतभेदों को राजनीति से दूर रखते थे पवार- ठाकरे

राज ठाकरे ने यह भी बताया कि अजित पवार जातीय भेदभाव से दूर थे और उनके राजकारण में जात-पात की कोई जगह नहीं थी. वे व्यक्तिगत मतभेदों को राजनीति से अलग रखते थे और विरोध को केवल राजनीतिक स्तर पर मानते थे.

अजित पवार को ठाकरे ने दी श्रद्धांजलि

राज ठाकरे ने कहा कि वह और उनका परिवार पवार परिवार के दुःख में सहभागी हैं. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की तरफ से अजित पवार को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई है. अजित पवार का जाना महाराष्ट्र के राजनीति में एक खालीपन छोड़ गया है. जिसे भर पाना आसान नहीं होगा. उनका नेतृत्व, समर्पण और स्पष्टवादिता आज भी याद किया जाएगा.

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