बारामती में 28 जनवरी की सुबह हुए विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया है. इस भीषण दुर्घटना में अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की जान चली गई. हादसा महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक बड़ी और अपूर्णीय क्षति के रूप में देखा जा रहा है, जिससे पूरे राज्य में शोक की लहर फैल गई है.
इस हादसे के बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में गहरा शोक देखने को मिल रहा है. सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, हर दल के नेता अजित पवार के साथ बिताए पलों को याद कर रहे हैं और उनके अचानक चले जाने को राज्य की राजनीति के लिए बड़ा झटका बता रहे हैं. सभी दलों के नेताओं का कहना है कि अजित पवार एक मजबूत निर्णय लेने वाले नेता थे, जिनकी प्रशासनिक पकड़ और राजनीतिक अनुभव का कोई विकल्प नहीं था.
पूरे देश के लिए गहरा आघात है- वारिस पठान
इसी बीच महाराष्ट्र एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. उन्होंने आईएएनएस को दिए बयान में इस घटना को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया. वारिस पठान ने कहा कि उपमुख्यमंत्री अजित दादा पवार का विमान दुर्घटना में निधन होना न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के लिए गहरा आघात है. उन्होंने सबसे पहले शोक संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि अजित पवार की आत्मा को शांति मिले.
प्रैक्टिकल, क्विक डिसीजन लेने वाले नेता थे अजित पवार- वारिस पठान
वारिस पठान ने आगे कहा कि विमान में यात्रा कर रहे अन्य सभी लोगों की आत्माओं को भी ईश्वर शांति दे और उनके परिजनों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति मिले. उन्होंने कहा कि अजित पवार एक बेहद प्रैक्टिकल, क्विक डिसीजन लेने वाले और काम को प्राथमिकता देने वाले नेता थे. अपने अनुभव साझा करते हुए वारिस पठान ने बताया कि जब वे विधायक थे, तब पांच साल तक उनका अजित पवार के साथ काम करने का अवसर मिला. उन्होंने उन्हें हंसमुख स्वभाव का नेता बताया और कहा कि इस तरह अचानक उनका चले जाना व्यक्तिगत रूप से उनके लिए भी बेहद दुखद है.
