शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने एक बार फिर देवेंद्र फडणवीस पर हमला बोला है. उन्होंने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह मंच राजनीतिक नेताओं, वैश्विक निवेशकों और नवाचारकर्ताओं को जोड़ने के लिए है, न कि घरेलू बिल्डरों और ठेकेदारों से मिलने के लिए. बता दें कि आदित्य ठाकरे का यह बयान तब आया है जब सीएम फडणवीस हाल ही में दावोस दौरे पर थे.

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आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया मंच लिंक्डइन पर एक पोस्ट के जरिए दावोस जाने वाले मुख्यमंत्रियों को संदेश देते हुए कहा कि उन्हें आसानी से उपलब्ध लोगों से मिलने के निरर्थक तमाशे में उलझने के बजाय दुनिया के साथ जुड़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि विश्व आर्थिक मंच जैसे वैश्विक स्तर के आयोजन का मकसद अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को मजबूत करना और नए विचारों को साझा करना होता है. ऐसे मंच पर घरेलू स्तर के प्रशासनिक या अनुमति से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना इसकी मूल भावना के विपरीत है.

बिना नाम लिए किया हमला

ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का नाम लिए बिना कहा कि दावोस जैसे मंच पर हम अपने ही राज्य के उन बिल्डरों और ठेकेदारों से बातचीत में व्यस्त नहीं रह सकते, जो स्थानीय स्वशासी संस्थाओं से अनुमति मांग रहे हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नेताओं को अपने वैश्विक संपर्कों का उपयोग राज्य के एजेंडे को आगे बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने के लिए करना चाहिए. 

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हाल ही में सीएम ने किया था दावोस का दौरा

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पिछले सप्ताह दावोस में कहा था कि महाराष्ट्र ने विश्व आर्थिक मंच के दौरान 30 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं. उनके अनुसार इन समझौतों से उद्योग, सेवाएं, कृषि और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में करीब 40 लाख तक रोजगार के अवसर सृजित हो सकते हैं. वहीं शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने दावोस जाने वाले नेताओं के यात्रा खर्च को सार्वजनिक करने की मांग की थी. राउत ने यह भी कहा था कि भारत के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री दावोस में पिकनिक मना रहे हैं और भारतीय दृष्टिकोण से यह सम्मेलन हास्यास्पद प्रतीत होता है.