ईरान और इजरायल के बीच जंग जारी है. मिडिल ईस्ट में स्थिति बेहद ही गंभीर हो गई है. हालात ऐसे बन गए हैं कि कई देशों के दूतावास, सैन्य ठिकाने निशाने पर आ गए हैं. मिसाइल और ड्रोन से लगातार हमले किए जा रहे हैं. इस युद्ध का असर ग्लोबल इकोनॉमी पर पड़ रहा है. इस बीच उद्धव गुट के नेता आदित्य ठाकरे ने मोदी सरकार से अपील की है कि भारत की ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर संभावित असर को देखते हुए इस पर विचार विमर्श करने के लिए सभी दलों के साथ बैठकें हो. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का भी जिक्र किया.

Continues below advertisement

आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, ''मिडिल ईस्ट में चल रही जंग का वैश्विक अर्थव्यवस्था और ग्लोबल सप्लाई चेन पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए, केंद्र सरकार को आगामी कुछ महीनों में भारत की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और हमारी अर्थव्यवस्था को संभावित रूप से होने वाली दिक्कतों पर विचार-विमर्श करने के लिए सभी दलों के साथ बैठकें और नीति निर्माण कार्य शुरू कर देना चाहिए.''

ऐसे वक्त में मनमोहन सिंह की याद आती है- आदित्य ठाकरे

शिवसेना (यूबीटी) विधायक ने आगे लिखा, ''हम सभी युद्ध के जल्द समाधान और क्षेत्र में स्थायी शांति की प्रार्थना करते हैं. हालांकि, एक अरब से अधिक आबादी वाले देश और एक ऐसी अर्थव्यवस्था के रूप में जो वास्तव में आत्मनिर्भर नहीं है, हमें अपनी सरकार से पारदर्शिता और दिशा-निर्देश की जरूरत है. ऐसे वक्त में मनमोहन सिंह जी की याद आती है, जिन्होंने वैश्विक मंदी के दौर में भारत को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ने में मदद की.''

बारामती में नकाबपोश बदमाशों का आतंक! प्रेमी जोड़े पर हमला कर सोने-चांदी के गहने लूटे

ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत से तनाव और बढ़ा

इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की शनिवार (28 फरवरी) को तेहरान में एक हवाई हमले में मौत हो गई. ईरानी सरकारी मीडिया ने रविवार (01 मार्च) को इसकी पुष्टि की, जिसके बाद भारत समेत दुनिया भर में विरोध-प्रदर्शन किया गया. खामनेई की मौत के बाद तनाव और बढ़ गया है.

एक जिद और उजड़ गया परिवार! मोबाइल न मिलने पर फंदे से लटक गया 14 साल का लड़का