वक्फ बिल पर बोले कैलाश विजयवर्गीय, 'हमारे मुस्लिम भाइयों को...'
Kailash Vijayvargiya On Waqf Bill: कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वक्फ में कोई लोकतंत्र नहीं था, वक्फ में डेमोक्रेसी लाने के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देना चाहता हूं.

Kailash Vijayvargiya On Waqf Bill: लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने पर मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने खुशी जाहिर की. उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद दिया. साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस बिल में संशोधन के बाद गरीब मुसलमानों का फायदा होगा.
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "मुझे पता है कि वक्फ बोर्ड कुछ भू-माफियाओं के कब्जे में था. सरकार ने इसे उनके नियंत्रण से मुक्त कर दिया है. इससे हमारे मुस्लिम भाइयों, खासकर गरीब मुस्लिम भाइयों को सबसे ज्यादा फायदा होगा."
Indore, Madhya Pradesh: Cabinet Minister Kailash Vijayvargiya on the #WaqfAmendmentBill says, "I know is that the Waqf Board was under the grip of some land mafias. The government has freed it from their control. This will benefit our Muslim brothers, especially the poor Muslim… pic.twitter.com/UNiZ93QU8F
— IANS (@ians_india) April 3, 2025
'वक्फ में नहीं थी डेमोक्रेसी'
वक्फ के हजारों केस पेंडिंग पड़े हैं. कहीं अपील- दलील नहीं होती थी, कोर्ट में भी नहीं जा सकते थे, वो लोग फैसला ही नहीं करते थे, खुद ही साहूकार थे, खुद ही निर्णायक थे, वक्फ में कोई लोकतंत्र नहीं था, वक्फ में डेमोक्रेसी लाने के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देना चाहता हूं. ये गरीब मुसलमानों के लिए महत्वपूर्ण कदम है.
'मुसलमानों को खतरा नहीं'
उनके अलावा मध्यप्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने विधेयक के समर्थन में कहा कि इससे आम मुसलमानों को कोई खतरा नहीं है, लेकिन यह उन अमीर नेताओं को चुनौती देता है, जिन्होंने कथित तौर पर वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग किया है.
कांग्रेस विधायक ने किया विरोध
हालांकि, कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने विधेयक को काला कानून बताया. पत्रकारों से बात करते हुए मसूद ने कहा कि हमने पहले ही इस विधेयक को खारिज कर दिया है. यह वक्फ संपत्तियों की रक्षा नहीं करेगा, बल्कि उन पर अतिक्रमण को बढ़ावा देगा. उन्होंने कहा कि वह ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के रुख से सहमत हैं.
ये भी पढ़ें
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL


























