Ujjain News: धार्मिक नगरी उज्जैन में महज 3200 रुपए में विवाह की रस्म अदा हो जाती है. खास बात है कि भगवान श्री गणेश खुद शादी के साक्षी बनते हैं. हो सकता है आपको विश्ववास न हो लेकिन खबर पढ़ने के बाद आप खुद मामला समझ जाएंगे. उज्जैन से लगभग 8 किलोमीटर दूर भगवान श्री चिंतामण गणेश विराजित हैं. ये प्रतिमा भगवान श्री राम ने वनवास के दौरान स्थापित की थी. यहां पर देशभर के लोग विवाह की रस्म अदा करने के लिए आते हैं.
3200 में विवाह समारोह विधि विधान के साथ होता है संपन्न
महंगाई के इस दौर में भी चिंतामण गणेश मंदिर पर विवाह समारोह संपन्न करना बेहद सस्ता है. मंदिर के जयंत पुजारी के मुताबिक 1100 रुपए की रसीद मंदिर समिति की ओर से काटी जाती है. विवाह समारोह संपन्न कराने के लिए महज 2100 रुपए पंडित लेते हैं. इस प्रकार 3200 रुपए में विवाह समारोह विधि विधान के साथ संपन्न कराया जाता है. देवउठनी ग्यारस के अवसर पर दर्जनों की संख्या में विवाह समारोह आयोजित हो रहे हैं. मंदिर के गणेश पुजारी ने बताया कि कोविड-19 से कम लोगों की उपस्थिति में भगवान के सामने विवाह का प्रचलन बढ़ा है.
चिंतामण गणेश मंदिर मैरिज डेस्टिनेशन के रूप में भी चर्चित
साल 2017 से अभी तक चिंतामण गणेश मंदिर में 1000 से ज्यादा विवाह हो चुके हैं. चिंतामण गणेश मंदिर में भगवान श्री गणेश की तीन प्रतिमाएं विराजित हैं. यहां पर चिंतामण गणेश के साथ-साथ इच्छामन और मंछामन गणेश भी हैं. पुजारी के मुताबिक वनवास के दौरान भगवान श्रीराम ने चिंतामण गणेश की स्थापना की थी, जबकि लक्ष्मण ने मंछामन और सीता माता ने इच्छामन गणेश स्थापित किए थे. मंदिर परिसर में लक्ष्मण बावडी भी है जिसे श्रीराम को प्यास लगने पर लक्ष्मण ने अपने बाणों से प्रकट किया था. डिप्टी कलेक्टर गोविंद दुबे ने कहा कि चिंतामण गणेश मंदिर परिसर का विस्तारीकरण हो रहा है. लगभग 2 करोड़ रुपए की लागत से प्रोजेक्ट पर अभी 70 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं. उन्होंने बताया कि मंदिर मैरिज डेस्टिनेशन के रूप में भी काफी लोकप्रिय है.
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