मध्य प्रदेश स्थित उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में डिजिटल व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए मंदिर प्रबंध समिति ने संध्या आरती और शयन आरती की बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने का फैसला किया है. यह व्यवस्था पारदर्शिता, बेहतर प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर लागू की जा रही है.

Continues below advertisement

अब श्रद्धालु इन दोनों आरतियों की बुकिंग केवल मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से कर सकेंगे -[https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/](https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/)

संध्या आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शुरू होगी, जबकि शयन आरती की बुकिंग प्रतिदिन शाम 4 बजे से प्रारंभ होगी. दोनों आरतियों के लिए प्रति श्रद्धालु 250 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जो शीघ्र दर्शन के समान है. बुकिंग प्रथम आओ, प्रथम पाओ के आधार पर होगी.

Continues below advertisement

छिंदवाड़ा में ‘सिंगिंग पुलिस’ का अनोखा अंदाज, गाने से ट्रैफिक रूल सिखा रहे ASI अशोक कुमार

उज्जैन महाकाल मंदिर में आरती के लिए किस गेट से जाएं?

दोनों आरतियों के लिए प्रवेश द्वार क्रमांक 1 तय किया गया है. संध्या आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय शाम 6 बजे और शयन आरती के लिए रात 10 बजे तक रहेगा.

मंदिर समिति के अनुसार, आरती के निर्धारित समय के दौरान चलित दर्शन की व्यवस्था भी जारी रहेगी, ताकि श्रद्धालु सुव्यवस्थित तरीके से दर्शन कर सकें. समिति का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से पारदर्शी, व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल व्यवस्था सुनिश्चित करना है, जिससे अधिक से अधिक श्रद्धालु आसानी से आरती और दर्शन का लाभ ले सकें.

एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है उज्जैन महाकाल

बता दें उज्जैन में स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है. प्राचीन काल से उज्जैनवासी भगवान महाकाल को अपने राजा और रक्षक के रूप में पूजते आए हैं. मंदिर की स्थापना अत्यंत प्राचीन मानी जाती है, हालांकि सटीक समय अज्ञात है.

मंदिर के निचले तल पर महाकाल ज्योतिर्लिंग, ऊपर ओंकारेश्वर और सबसे ऊपर नागचंद्रेश्वर विराजमान हैं, जो नाग पंचमी पर ही खुलते हैं. शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव ने दुषण राक्षस का वध कर यहां ज्योतिर्लिंग रूप में निवास किया. यहां प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती विश्व प्रसिद्ध है.