ट्विशा शर्मा केस: CCTV की टाइमिंग, लोगों के बयान नहीं हो रहे मैच, पोस्टमार्ट रिपोर्ट के बाद उठे कई सवाल
Twisha Sharma Death Case: साइबर एक्सपर्ट शोभित चतुर्वेदी का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज की फोरेंसिक जांच होनी चाहिए, ताकि यह बात पता चल सके की क्या कोई टेंपरिंग हुई है.

भोपाल में मॉडल ट्विशा शर्मा की पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आने के बाद अब मौत की टाइमिंग को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. केस से जुड़े लोगों की बयान, सीसीटीवी फुटेज की टाइमिंग, एक दूसरे से मैच नहीं खा रही है.
साइबर एक्सपर्ट शोभित चतुर्वेदी का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज की फोरेंसिक जांच होनी चाहिए, ताकि यह बात पता चल सके की क्या कोई टेंपरिंग हुई है. फॉरेंसिक जांच के बाद यह पता चल सकता है कि क्या टाइम या डेट से कोई छेड़छाड़ की गई है या नहीं.
शोभित चतुर्वेदी के मुताबिक फॉरेंसिक जांच से यह भी बात सामने आ सकती है सीसीटीवी के डीवीआर की सेटिंग से छेड़छाड़ करके क्या टाइम या डेट को आगे बढ़ाया गया है और कितना आगे बढ़ाया गया है. इससे घटना का वास्तविक समय का अंदाजा लगाना संभव हो सकेगा.
एम्स ने शव ले जाने को कहा
वहीं सूत्रों के मुताबिक एम्स ने पुलिस को शव ले जाने के लिए कहा है. एम्स ने बॉडी डिकंपोज होने की आशंका के चलते पुलिस को सूचित किया है कि जल्द से जल्द बॉडी ले जाई जाए.
एम्स में बॉडी रखने की जगह ही नहीं- ट्विशा के भाई
वहीं ट्विशा शर्मा के भाई आशीष शर्मा ने कहा कि हमें पुलिस विभाग की तरफ से बॉडी ले जाने के लिए पत्र लिखा गया है. मुझे आश्चर्य है की यही विकसित भारत है जहां एम्स में बॉडी रखने की जगह नहीं है. इस सिस्टम में हम फंस कर रह गए हैं.
उन्होंने कहा कि हमें इस सिस्टम पर भरोसा नहीं है. हमारी बहन की बॉडी को हमको सौंप दिया जाए और हम चाहते हैं की यह बॉडी हमारे उत्तर प्रदेश पहुंच जाए और दिल्ली एम्स में सेकेंड पोस्टमार्टम हो.


























