Shivraj Singh Chouhan Visits Vidisha: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार (14 अप्रैल) को अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा (Vidisha) का दौरा किया. यहां उन्होंने अपने फार्महाउस पर पहुंचकर वहां की जा रही खेती का जायजा लिया. केंद्रीय कृषि मंत्री ने ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो की खेती को लेकर जोर दिया. उन्होंने किसानों से कहा कि वो आत्मविश्वास के साथ इन फलों की खेती करें और आगे बढ़ें. इसके साथ ही उन्होंने किसान आईडी बनाने पर भी जोर दिया.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए लिखा, ''आज विदिशा में अपने खेत पर एक नए संकल्प के साथ आया हूं. हमारे देश में ड्रैगन फ्रूट (कमलम), एवोकाडो जैसे फल हम लगभग 5 हजार करोड़ रुपये के आयात करते हैं. यह पैसा हमारे किसानों की जेब में जा सकता है, यदि हम इन फसलों की खेती अपने देश में ही करें.''
ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो और जैक फ्रूट की खेती पर जोर
उन्होंने आगे लिखा, ''बैंगलुरु स्थित ICAR-IIHR ने कमलम, कटहल और एवोकाडो जैसी फसलों पर महत्वपूर्ण अनुसंधान किए हैं. बैंगलोर में इसके सफल प्रयोग हुए हैं, लेकिन अब ज़रूरत है कि देशभर में यह पहल आगे बढ़े. इसी दिशा में मैं स्वयं अपने खेत में ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो और जैक फ्रूट की खेती का प्रयोग कर रहा हूं ताकि किसान देखें, समझें और आत्मविश्वास के साथ इस दिशा में आगे बढ़ें.
'हमें अपने किसानों को देश में आत्मनिर्भर बनाना'
शिवराज सिंह चौहान ने एक दूसरे एक्स पोस्ट में ये भी कहा, ''हमारे देश में ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो जैसे फल हम लगभग 5 हजार करोड़ रुपये के इंपोर्ट करते हैं. हमें अपने किसानों को देश में आत्मनिर्भर बनाना है और इसलिए इनकी खेती अभी यहां प्रारंभ हुई है.''
मैंने भी ड्रैगन फ्रूट की खेती करना तय किया है- शिवराज चौहान
उन्होंने आगे कहा, ''बैंगलौर में इसकी खेती को लेकर बहुत अच्छे प्रयोग हो रहे हैं, लेकिन बाकी जगह भी करनी है. इसलिए मैंने भी तय किया है कि एक प्रयोग ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो, कटहल का यहां करके किसानों को दिखाएं ताकि उन्हे कॉन्फिडेंस आए. और इसलिए उसकी तैयारी के लिए आज अपने खेत पर आया था.''
'प्राकृतिक खेती सिर्फ भाषणों से नहीं होगी'
इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा कि प्राकृतिक खेती सिर्फ भाषणों से नहीं होगी, उसे जमीन पर उतारना पड़ेगा. उन्होंने कहा, ''कृषि मंत्री के नाते मैंने तय किया है कि स्वयं अपने खेत में इसका प्रयोग करूं.''