MP: सागर पुलिस ने फर्जी नौकरी दिलाने वाली गैंग पर कसा शिकंजा, 3 आरोपी गिरफ्तार
Sagar News:मध्य प्रदेश के सागर में होमगार्ड पुलिस में नौकरी दिलाने वाले गिरोह को पुलिस ने पकड़ा है. पुलिस ने फर्जी डीएसपी और दो आरक्षक गिरफ्तार किए हैं.

मध्यप्रदेश की सागर पुलिस के हत्थे पुलिस और होमगार्ड में नौकरी दिलाने वाला गिरोह चढ़ा है. पुलिस ने फर्जी डीएसपी बनकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. जिले की शाहगढ़ पुलिस ने एक फर्जी डीएसपी और उसके साथ दो नकली आरक्षक पुलिस की वर्दी पहने पकड़े है. गिरफ्तार आरोपियों मे फर्जी डीएसपी शिवम चतुर्वेदी, राजकुमार ठाकुर और सतीश सिंह ठाकुर शामिल हैं. ये तीनों आरोपी फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर ठगी करते थे. पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने एक बेरोजगार युवक से होमगार्ड में नौकरी लगवाने के नाम पर 1 लाख रुपये की मांग की थी.
फर्जी डीएसपी शाहगढ़ पहुंचा
डीएसपी शिवम चतुर्वेदी खुद को जबलपुर में पदस्थ होना बताता था. शिकायत मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई. युवक ने फर्जी डीएसपी से बात की और 1 लाख रुपए देने को तैयार हो गया. जिसके बाद बुधवार (18 फरवरी) को फर्जी डीएसपी बगैर नंबर की बोलेरो में दो फर्जी पुलिस जवानों को लेकर शाहगढ़ पहुंचा.
पुलिस ने चाय कैफे में की घेराबंदी
फर्जी पुलिस वालों को शाहगढ़ में फरियादी युवक ने चायगढ़ कैफे में मिलने बुलाया. युवक को उनकी बातचीत में नकली होने का संदेह हो गया था. मामले की सूचना शाहगढ़ थाना पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही थाना पुलिस चायगढ़ कैफे पर पहुंची और फर्जी डीएसपी और फर्जी दो जवानों को मौके से गिरफ्तार किया.
जांच में नकली निकली पुलिस
पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों से पूछताछ की. शाहगढ़ थाना प्रभारी संदीप खरे ने बताया कि फर्जी डीएसपी और दो पुलिस आरक्षकों को पकड़ा है. पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में स्पष्ट हुआ कि तीनों आरोपी वास्तविक पुलिस अधिकारी या कर्मचारी नहीं थे. आरोपी पुलिस की वर्दी में ठगने का काम कर रहे है. वे सुनियोजित तरीके से फर्जी पहचान बनाकर नौकरी के नाम पर ठगी करने की साजिश रच रहे थे. तीनों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया है. मामले में तीनों से पूछताछ की जा रही है.
सागर और जबलपुर के रहने वाले हैं आरोपी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी शिवम चतुर्वेदी सागर जिले के गढाकोटा और दो फर्जी आरक्षक राज कुमार ठाकुर और रसतीश सिंह ठाकुर निवासी बरही जबलपुर के हैं. पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही कर रही है.
आरोपियों के खिलाफ ग्वालियर में भी दर्ज है मामला
अब तक की जांच में सामने आया कि आरोपियों के खिलाफ पूर्व में इसी तरह का मामला ग्वालियर क्राइम ब्रांच में भी दर्ज हुआ था. आगे की जांच चल रही है. इसमें फर्जी डीएसपी शिवम चतुर्वेदी पर मामला दर्ज है. जो पिछले महीने जमानत पर छूटा है.
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Source: IOCL




























