मध्य प्रदेश के रीवा में विकास के नाम पर किए जा रहे कार्यों की हकीकत एक बार फिर उजागर हो गई है. बीते दिन हुई कुछ घंटों की बारिश ने रीवा एयरपोर्ट में हुए करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है.

बिना तकनीकी प्लानिंग और घटिया सामग्री से किए गए निर्माण का परिणाम यह हुआ कि एयरपोर्ट की 200 फीट लंबी बाउंड्रीवॉल धराशायी हो गई, जबकि कुल 8.5 किलोमीटर लंबी बाउंड्रीवॉल बनाई गई है.

नुकसान तेज पानी के बहाव के कारण हुआ

बताया जा रहा है कि यह नुकसान उमरी गांव और गुरुकुल स्कूल की ओर से आए तेज पानी के बहाव के कारण हुआ. एयरपोर्ट के सीनियर मैनेजर नवनीत चौधरी ने बताया कि रनवे पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन तेज बहाव के कारण बाउंड्रीवॉल ढह गई है.

वहीं, एयरपोर्ट निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई. विकास के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ और घटिया निर्माण सामग्री से काम कराया गया, जिससे पहली ही बारिश में बाउंड्रीवॉल गिर गई.

रीवा एयरपोर्ट 300 करोड़ की लागत से बना था

गौरतलब है कि रीवा एयरपोर्ट 300 करोड़ की लागत से बना था, जिसका कुछ समय पहले ही उद्घाटन हुआ था. अब एयरपोर्ट की बाउंड्रीवॉल 10 महीने में ही भरभराकर गिर गई, जिससे गुणवत्ता पर सवाल खड़े होना लाजिमी है!

हैरानी की बात है कि पिछली बारिश में भी एयरपोर्ट की दीवार टूटी थी, लेकिन इस बार एक बड़ा हिस्सा ढह गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जो घटिया निर्माण की पोल खोल रहा है.

एयरपोर्ट का रनवे सुरक्षित 

एयरपोर्ट के सीनियर मैनेजर नवनीत चौधरी ने बताया कि बारिश ज्यादा होने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई. गुरुकुल स्कूल की तरफ से पानी का बहाव ज्यादा था, जिसके कारण दीवार ढह गई. हालांकि, एयरपोर्ट का रनवे सुरक्षित है.