MP News: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. सरकारी एजेंसियां भ्रष्टाचार की शिकायत पर ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही हैं. अब रतलाम जिले में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) का बड़ा एक्शन हुआ है. ईओडब्ल्यू की टीम ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के एक अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा. आलोट कस्बे में शुक्रवार को सहायक लेखा अधिकारी मनीष ईओडब्ल्यू के शिकंजे में आ गया.

आरोप है कि मनरेगा का सहायक लेखा अधिकारी रिश्वत की रकम ले रहा था. घात लगाए बैठी ईओडब्ल्यू की टीम ने मनीष को धर दबोचा. ईओडब्ल्यू की छापेमार कार्रवाई से हड़कंप मच गया. पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) अमित बट्टी ने बताया कि मनरेगा का सहायक लेखा अधिकारी मनीष 15,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार हुआ है.

मनरेगा अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

उन्होंने कहा कि मनरेगा अधिकारी ने दो लाख रुपये का भुगतान मंजूर करने के बदले में कथित तौर पर रिश्वत की मांग की थी. नंदन फलोद्यान योजना का लाभार्थी था. लाभार्थी नंदन योजना की स्वीकृत अनुदान राशि मिलने में दुश्वारी आ रही थी. उसने मनरेगा के सहायक लेखा अधिकारी मनीष से संपर्क कर राशि जारी करने की गुहार लगाई. आरोप है कि भुगतान के एवज आठ प्रतिशत कमीशन की मांग लाभार्थी से की गई. लाभार्थी नंदन ने रिश्वत मांगे जाने की शिकायत ईओडब्ल्यू से की.

योजना के लाभार्थी से मांगे थे 15 हजार रुपये

ईओडब्ल्यू ने शिकायत का सत्यापन कराया. सत्यापन में लाभार्थी की शिकायत सही पाई गई. मनरेगा अधिकारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया. योजना के तहत शिकायतकर्ता मनीष को रिश्वत की रकम देने पहुंचा. घात लगाए बैठी ईओडब्ल्यू की टीम ने मनीष को रिश्वत की रकम लेते गिरफ्तार कर लिया. रिश्वतखोरी के मामले में कार्रवाई से हड़कंप मच गया. डीएसपी अमित बट्टी ने बताया कि मनरेगा अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. 

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