बोधी इंटरनेशनल स्कूल में आठवीं कक्षा के छात्र द्वारा तीसरी मंजिल से छलांग लगाने की घटना के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इस मामले ने इसलिए और भी सनसनी फैला दी है, क्योंकि सामने आए सीसीटीवी फुटेज में छात्र को केवल 4 मिनट में 52 बार कान पकड़कर 'सॉरी मैडम' बोलते हुए देखा गया, इसके बावजूद प्रिंसिपल लगातार उसे डांटती रहीं. इसी मानसिक प्रताड़ना के चलते छात्र ने खौफनाक कदम उठाया. इस घटना के विरोध में शनिवार को आदिवासी छात्र संगठन ने स्कूल का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया.
आदिवासी छात्र संगठन ने स्कूल के मुख्य गेट के बाहर धरना देते हुए प्रिंसिपल डॉ. डॉली चौहान और स्कूल प्रबंधक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि स्कूल की मान्यता तत्काल रद्द की जाए और प्रिंसिपल डॉली चौहान के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का एफआईआर (FIR) दर्ज किया जाए.
मोबाइल लाने पर मिली थी रास्ट्रिकेट करने की धमकी
14 वर्षीय छात्र कक्षा 8वीं में पढ़ता है. वह 28 नवंबर को स्कूल में मोबाइल लेकर आया था, जिसके बाद प्रिंसिपल ने उसे स्कूल से प्रतिबंधित (Rusticate) करने की बात कहकर परिजनों को बुलाया था. छात्र इसी डर और मानसिक दबाव के कारण स्कूल की तीसरी मंजिल पर जाकर कूद गया. वह गंभीर रूप से घायल हो गया और देर रात उसे रतलाम से गुजरात के अहमदाबाद रेफर किया गया है.
सीसीटीवी फुटेज में यह साफ नजर आया कि छात्र अपनी गलती स्वीकार करते हुए बार-बार माफ़ी मांग रहा था और प्रिंसिपल लगातार उसे डांट रही थीं तथा स्कूल से निकालने की बात कह रही थीं. छात्र संगठन का आरोप है कि इसी मानसिक दबाव के चलते छात्र ने यह खौफनाक कदम उठाया है.
प्रशासन ने दिया जांच का आश्वासन
आज हुए प्रदर्शन के बाद शिक्षा अधिकारी ने मामले की जाँच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित कर जांच का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी. वहीं, CSP सत्येंद्र घनघोरिया ने भी घटना को लेकर प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए हैं.
इधर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक संतोषजनक जाँच नहीं होती है, तो वे फिर से स्कूल परिसर और शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे.