Historical Heritage Sites: मध्य प्रदेश में राज्य सरकार पुरातत्व के अंतर्गत आने वाले स्मारकों संग्रहालय, ऐतिहासिक धरोहरों और परिसरों में प्री वेडिंग शूट के लिए बड़ी पूछताछ और ऑफर आते थे. ऐसे स्थलों में शूट की परमीशन तो मिल भी जाती थी, लेकिन वह थकाऊ और सिस्टम की कागजी प्रक्रियाओं में उलझे रहने वाली थी, जिससे लोग या तो बिना परमीशन ऐसे स्थानों पर शूट करने का जोखिम उठाते या फिर इरादा ही छोड़ देते. इसी तरह इन साइटों पर कहीं कहीं हॉल या परिसर के कुछ हिस्सों को आयोजनों के लिए किराए पर लेने वालों को भी वही, आवेदन, क्षति न पहुंचाने की गारंटी आदि की कागजी प्रक्रिया अपनानी पड़ती थी. अब इन्हीं जटिलताओं को हटा कर मध्य प्रदेश पुरातत्व विभाग ने इच्छुक लोगों को यह सुविधा लेने अब परमीशन प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दी है . संचालनालय ने इसे  अनुमति पोर्टल  नाम दिया है जिसे बुधवार 12 दिसंबर से शुरू कर दिया है.  अनुमति के लिए आवेदन मैं हुई है बढ़ोत्तरीबीते कुछ समय में राज्य पुरातत्व विभाग के पास राज्यभर के विभित्र विरासत स्थलों पर  प्री -वेडिंग शूट, फोटोग्राफी , वीडियोग्राफी, ड्रोन शूट, ऑडिटोरियम, ग्राउंड बुकिंग  और फोटोग्राफी के लिए इन दिनों प्रदेश के ऐतिहासिक विरासत स्थलों को बहुत पसंद किया जा रहा है, जिसके चलते बुकिंग के लिए पूछताछ और अनुमति के लिए आवेदन मैं बढ़ोत्तरी हुई है. ऑनलाइन पोर्टल किया गया है तैयार वर्तमान में संचालनालय द्वारा मैन्युअल रूप से अनुमति प्रदान की जाती है, आवेदन पहले प्रदेश के जिलों के स्थानीय ऑफिस और फिर भोपाल में अनुमति के लिए जाते थे .इसे देखते हुए संचालनालय पुरातत्व द्वारा अनुमतियों को मंजूरी देने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है. जिसके माध्यम से आम नागरिक घर बैठे अनुमति प्राप्त कर सकते है, अब लोगों को कार्यालय के चक्कर नहीं लगाना होंगे. यहां से कर सकते है आवेदन इसके के साथ ही संचालनालय पुरातत्व द्वारा ई-गवर्नेंस सेवाओं में व्हाट्सएप्प चैटबॉट जिसके माध्यम से आम नागरिक घर बैठे संग्रहालय और स्मारकों को भ्रमण करने के लिए टिकट बुक कर सकते है. ऑनलाइन अनुमति प्राप्त करने हेतु विभागीय वेबसाइटhttps://archaeology.mp.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते है. ज्यादा से ज्यादा पर्यटक आने में मिलेगी मदद इसके साथ ही ऑनलाइन टिकट बुक करने हेतु व्हाट्सएप्प चैटबॉट नंबर +91-9522840076 से कर सकते है. मध्य प्रदेश में फिलहाल करीब 500 संरक्षित स्मारक, जिनमें छोटे-बड़े मंदिर, गुफाएं, किले, छत्रियां और महल आदि शामिल हैं, मौजूद हैं. वहीं राज्य, जिले और स्थानीय स्तर को मिलाकर करीब 45 संग्रहालय मौजूद हैं, जहां इस तरह की मांग लगातार बनी रहती है.पुरातत्व विभाग को इस प्रक्रिया को आसान और ऑनलाइन बनाने से सुविधापूर्ण बनाने के साथ, इन स्थानों पर ज्यादा से ज्यादा पर्यटक आने में मदद मिलेगी.