मध्य प्रदेश का पन्ना जिला एक बार फिर अपने हीरों को लेकर चर्चा में है. यहां सात मजदूरों की किस्मत उस समय चमक गई, जब उन्हें सरकोहा गांव की एक उथली खदान में करीब 16.96 कैरेट का उच्च गुणवत्ता वाला हीरा मिला. इस हीरे की कीमत 30 लाख से 50 लाख रुपये के बीच आंकी जा रही है. इस खोज के बाद मजदूरों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है.

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लीजहोल्डर अखिलेश पाल ने बताया कि सोमवार शाम हाल की बारिश के बाद वह अपने पिता के खेत के पास स्थित पुरानी उथली खदान का निरीक्षण कर रहे थे. इसी दौरान उन्हें यह हीरा मिला. अखिलेश पाल चाय बेचने के साथ-साथ खेती भी करते हैं. उन्होंने वर्ष 2024 में सात साथियों के साथ मिलकर इस खदान की लीज ली थी.

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मिट्टी में दिखा चमकता हुआ पत्थर

लंबे समय तक मेहनत के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर उन्होंने खदान में काम करना बंद कर दिया था, लेकिन अखिलेश पाल किस्मत आजमाते रहे. हीरा मिलने के बाद उन्होंने इसकी जानकारी अपने सभी साझेदारों को दी, ताकि इससे मिलने वाली राशि सभी में बराबर बांटी जा सके.

जिला हीरा कार्यालय के सूत्रों ने पुष्टि की कि अखिलेश पाल के पास वर्ष 2024 में इस खदान की वैध लीज थी. उन्हें मिट्टी में चमकता हुआ पत्थर दिखाई दिया, जिसे पहचानकर उन्होंने नियमों के अनुसार पन्ना के सरकारी हीरा कार्यालय में जमा करा दिया.

50 लाख तक हो सकती है कीमत

अब इस हीरे की सरकारी नीलामी की जाएगी. अधिकारियों के अनुसार, पर्याप्त संख्या में हीरे जमा होने के बाद संभवतः नवंबर में नीलामी आयोजित की जाएगी. अखिलेश पाल को उम्मीद है कि इस हीरे की कीमत एक करोड़ रुपये तक मिल सकती है. अधिकारियों का अनुमान है कि इसकी कीमत 30 लाख से 50 लाख रुपये के बीच रहेगी.

इस खोज ने उनके सभी साथियों में नई उम्मीद जगा दी है. इनमें से कई लोग लंबे समय से आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं. साझेदारों में शामिल संतोष, शर्मन और अरुण की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण 30 वर्ष की उम्र पार करने के बावजूद शादी नहीं हो पाई है. अब उन्हें उम्मीद है कि नीलामी से मिलने वाली राशि उनके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है.

अपने हिस्से की रकम से पक्के घर बनाएंगे मजदूर

मजदूरों का कहना है कि वे अपने हिस्से की रकम से कच्चे घरों की जगह पक्के मकान बनाएंगे और अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाएंगे. नियमों के अनुसार, हीरे की नीलामी से प्राप्त राशि में से रॉयल्टी और अन्य शुल्क काटे जाएंगे. इसके बाद बची हुई रकम सातों साझेदारों में बराबर बांटी जाएगी.

पन्ना भारत में हीरों की खदानों के लिए प्रसिद्ध है. यहां स्थानीय लोग अक्सर जिला हीरा कार्यालय से लीज लेकर खेतों के आसपास या छोटी उथली खदानों में खुदाई करते हैं. कई बार उन्हें ऐसे कीमती हीरे मिल जाते हैं, जो उनकी किस्मत बदल देते हैं.

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