अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर लगे आरोपों की खबर सामने आने के बाद नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव स्थित झोतेश्वर आश्रम में माहौल भावुक और आक्रोश भरा नजर आया. आश्रम में मौजूद भक्तों ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे साजिश बताया है.

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आरोपों को लेकर अब एक-एक कर समर्थकों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. आश्रम में पहुंचे श्रद्धालुओं का कहना है कि वे वर्षों से शंकराचार्य के संपर्क में हैं और उनके व्यक्तित्व पर सवाल उठाना गलत है.

'यह सोची-समझी साजिश है'- अचलानंद जी महाराज

अचलानंद महाराज ने कहा कि वह करीब 15 साल तक शंकराचार्य के साथ रहे हैं. उनके मुताबिक, जो मामला सामने आया है वह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है. उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें सत्ता, शासन और प्रशासन की भी भूमिका हो सकती है.

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उन्होंने कहा कि कुछ उपद्रवी तत्व जगतगुरु से द्वेष रखते हैं और जानबूझकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. अचलानंद ने यह भी कहा कि गौ हत्या बंद कराने और गौ माता को राष्ट्र पशु घोषित करने के मुद्दे पर शंकराचार्य की सक्रियता बढ़ने के बाद से उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है.

'हम उनके बारे में गलत बोल भी नहीं सकते'- कल्याणी पांडे

नरसिंहपुर की पूर्व महापौर कल्याणी पांडे ने कहा कि वह शंकराचार्य को बार-बार नमन करती हैं. उनके अनुसार, वे उन्हें लंबे समय से जानती हैं और उनके लिए वे भगवान समान हैं. 

उन्होंने कहा कि इतने बड़े संत के बारे में गलत बोलना पाप जैसा है. उनके मुताबिक, शंकराचार्य का कद इतना बड़ा है कि उन पर इस तरह के आरोप लगाना ही गलत है.

ज्योतिश्वर आश्रम के सेवादार विमलेश ठाकुर ने भी आरोपों को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि महाराज सादा जीवन जीते हैं और कभी आरामदायक साधनों का उपयोग नहीं करते. विमलेश ने यह भी कहा कि जो व्यक्ति आरोप लगा रहा है, वही खुद विवादों में रहा है.

आश्रम में मौजूद अन्य भक्तों का कहना है कि शंकराचार्य का व्यवहार हमेशा सरल और मर्यादित रहा है. फिलहाल पूरे मामले को लेकर जांच और बयानबाजी का दौर जारी है, लेकिन आश्रम में भक्त पूरी तरह उनके समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं.