MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर में चिकित्सा लापरवाही का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. महाराजा यशवंतराव अस्पताल में भर्ती महज डेढ़ महीने के एक नवजात बच्चे को इलाज के दौरान शदीद चोट लग गई, जब ड्यूटी पर मौजूद एक नर्स बड़ी गलती हो गई और उसने अनजाने में बच्चे का अंगूठा काट दिया.

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इलाज के दौरान हुआ हादसा

यह घटना बुधवार को अस्पताल के न्यू चेस्ट वार्ड में घटी. बेतमा निवासी अंजूबाई ने बताया कि उनके बच्चे को निमोनिया की शिकायत के बाद 24 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

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इलाज के दौरान बच्चे के हाथ में सूजन देखी गई, जिसके बाद नर्सिंग ऑफिसर को बुलाया गया. नर्सिंग ऑफिसर ने बच्चे के हाथ में लगे अंतःशिरा कैथेटर की टेप हटाने के लिए कैंची का इस्तेमाल किया, लेकिन नर्स की लापरवाही की वजह से बच्चे का अंगूठा कट गया. 

सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में हुई सफल सर्जरी

इस घटना के बाद परिवार और अस्पताल के कर्मचारियों में दहशत फैल गई. बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत इंदौर के एक सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहां प्लास्टिक सर्जनों की एक टीम ने आपातकालीन सर्जरी करके कटे हुए अंगूठे को फिर से जोड़ दिया. अस्पताल अधिकारियों के मुताबिक, सर्जरी सफल रही और बच्चे की हालत फिलहाल स्थिर है. बच्चे को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है.

इलाज में चूक पर प्रशासन ने लिया एक्शन 

बुधवार की घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने सख्त कदम उठाया. महाराजा यशवंतराव अस्पताल के डॉ. अरविंद घंघोरिया ने संबंधित नर्सिंग अधिकारी आरती श्रोत्रिया को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया.  साथ ही तीन नर्सिंग इंचार्ज का एक महीने का वेतन रोक दिया गया है.

अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है. इस समिति में न्यू चेस्ट वार्ड के प्रभारी डॉ. निर्भय मेहता, उप अधीक्षक डॉ. रोहित बदेरिया और नर्सिंग अधीक्षक दयावती दयाल को भी शामिल किया गया है. सभी के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और समिति से जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की उम्मीद है.