MP: 52वें अंतर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह का भव्य आगाज, CM बोले- यह है हमारी राष्ट्रीय धरोहर
Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 52वें खजुराहो नृत्य समारोह को राष्ट्रीय धरोहर बताते हुए कहा कि यह शास्त्रीय नृत्य उत्सव संस्कृति, सनातन परंपरा और कला संरक्षण का मंच है.

Madhya Pradesh News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि खजुराहो नृत्य समारोह हमारी राष्ट्रीय धरोहर है. खजुराहो ऐसा स्थान है जहां पत्थरों में प्राण होते हैं. खजुराहो में स्थित कंदरिया महादेव मंदिर, चतुर्भुज मंदिर, वामन मंदिर, चित्रगुप्त मंदिर, पार्वती मंदिर सहित देवालयों के परिवार विद्यमान हैं. शौर्य और रत्नों की धरती में कलाओं का संगम है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व धरोहर स्थल खजुराहो में शुक्रवार को प्रारंभ हुए शास्त्रीय नृत्यों के 7 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय नृत्य समारोह को आज वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा संबोधित किया.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आदि संस्कृति के साथ सनातन संस्कृति को जोड़ने की दिशा में आह्वान किया है. मध्यप्रदेश सरकार विविध कलाओं के विकास के लिये प्रतिबद्ध है. इसलिए मध्यप्रदेश के बजट में संस्कृति विभाग की गतिविधियों के लिये भी राशि में वृद्धि की गई है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खजुराहो नृत्य समारोह में पधारे शीर्ष नृत्य कलाकारों और नृत्य शैलियों के प्रतिनिधियों का स्वागत भी किया.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खजुराहो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय धरोहर है. इस साल 52 वां खजुराहो नृत्य समारोह भगवान नटराज को समर्पित किया गया है, जिसके लिये संस्कृति विभाग बधाई का पात्र है.
खजुराहो नृत्य उद्घाटन समारोह- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उल्लेखनीय है कि संस्कृति विभाग एवं उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी द्वारा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, नागपुर, मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन छतरपुर के सहयोग से सात दिवसीय प्रतिष्ठापूर्ण समारोह का आयोजन किया जा रहा है. इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, संस्कृति विभाग शिवशेखर शुक्ला, संचालक संस्कृति एन.पी. नामदेव, कलेक्टर छतरपुर पार्थ जायसवाल एवं उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी के निदेशक प्रकाश सिंह ठाकुर भी उपस्थित रहे.
शुभारंभ दिवस पर पहली प्रस्तुति संगीत नाटक अकादमी अवॉर्डी मैत्रेयी पहाड़ी एवं साथी, दिल्ली द्वारा कथक नृत्य की हुई. सुविख्यात नृत्यांगना एवं कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी ने ''प्रतिष्ठा : शाश्वत तत्वों का आह्वान'' नृत्यनाटिका की प्रस्तुति दी. यह आह्वान पंचतत्व पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश को समर्पित है, वही शक्तियां जो जीवन और सृष्टि को धारण करती हैं. मृदुल गतियों और भावपूर्ण अभिव्यक्ति के माध्यम से नर्तक नृत्यांगनाएं इन शाश्वत तत्वों को साकार करते हैं, जो संतुलन, ऊर्जा और सामंजस्य का प्रतीक हैं. इस पवित्र आरंभ से यात्रा धीरे-धीरे भगवान कृष्ण की दिव्य उपस्थिति की ओर ले जाती है धर्म, प्रेम और करुणा के शाश्वत पथप्रदर्शक, जो प्रत्येक तत्व और प्रत्येक हृदय में विद्यमान हैं.
स्वप्न में शिव के अनेक रूप
कथक के पश्चात चेन्नई की अनुराधा वेंकटरमन ने भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुति का प्रारंभ मंगलाचरण से किया, जिसमें उन्होंने स्वप्न में भगवान शिव के भव्य प्रवेश का दृश्य प्रस्तुत किया. यह रचना ललगुड़ी आर. गणेश द्वारा राग हंसध्वनि और आदि ताल में संयोजित की गई है. इस प्रस्तुति में नायिका अपने स्वप्न में शिव को विभिन्न रूपों में देखती है. इस खंड के पद गोस्वामी तुलसीदास की काव्य रचनाओं से लिए गए हैं, जिन्हें दीप्थि नाथ ने संगीतबद्ध किया है.
चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्
अगले क्रम में शुभदा वरडाकर, भुवनेश्वर की ओडिसी नृत्य प्रस्तुति हुई. उनकी प्रस्तुति का शीर्षक अभेदम् था. जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के अद्वैत वेदान्त से प्रेरितअभेदम् आचार्य आदि शंकराचार्य के अद्वैत वेदान्त की गहन अद्वैत दर्शन-परंपरा का अन्वेषण करता है, जो आत्मा और परमात्मा की मूलभूत एकता की उद्घोषणा करती है.
नृत्य प्रस्तुतियों में आज
52वां खजुराहो नृत्य समारोह में दूसरे दिन 21 फरवरी, 2026 को सायं 6:30 बजे से विश्वदीप, दिल्ली का कथक, प्रभात मेहतो, झारखंड का छाऊ एवं अक्मारल काइना रोवा, कजाकिस्तान का भरतनाट्यम नृत्य होगा.
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