Bhopal News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Mohan Yadav) की अध्यक्षता में मंगलवार (13 मई) को मध्य प्रदेश कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में प्रदेश और देश हित से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए. बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा, कृषि उपज, धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की गई और निर्णय लिए गए.

राष्ट्रीय सुरक्षा पर कैबिनेट का संकल्प, PM और सेना को किया गया सम्मानितबैठक की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हाल ही में संपन्न ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना से हुई. इस अभियान के तहत भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक ध्वस्त किया. कैबिनेट ने प्रधानमंत्री एवं तीनों सेनाओं के साहस और निर्णायक कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए सर्वसम्मति से उनका अभिनंदन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के कल के उद्बोधन से स्पष्ट हो गया है कि यदि पाकिस्तान भविष्य में किसी भी प्रकार की हरकत करता है, तो भारत पूरी तरह से तैयार है.

गेहूं उपार्जन का कार्य पूर्ण, 77.7 लाख मीट्रिक टन फसल का भंडारणMP में इस वर्ष रबी सीजन के अंतर्गत गेहूं उपार्जन कार्य 5 मई को सम्पन्न हुआ. इस दौरान प्रदेश के 3500 उपार्जन केंद्रों पर करीब 9 लाख किसानों ने अपनी फसल का विक्रय पंजीयन कराया. अब तक 77.7 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है, जिसका अधिकांश भंडारण पूर्ण हो चुका है. भंडारण की शेष प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वर्षा से पूर्व गेहूं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. अब तक किसानों को 18,842 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है और शेष राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

MP-महाराष्ट्र को जोड़ते धार्मिक सर्किट का होगा निर्माण कैबिनेट ने एक नया धार्मिक पर्यटन सर्किट बनाने का निर्णय लिया है, जिसमें महेश्वर, ओंकारेश्वर, भीमाशंकर जैसे प्रमुख ज्योतिर्लिंगों को शामिल किया जाएगा. इस सर्किट के माध्यम से श्रद्धालु एक साथ इन पवित्र स्थलों की यात्रा कर सकेंगे. यह सर्किट मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सांस्कृतिक एकता और पर्यटन को बढ़ावा देगा.

नाथ परंपरा और ऐतिहासिक स्थलों का होगा विकासकैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि भगवान दत्तात्रेय और नाथ परंपरा से जुड़े स्थलों का समुचित विकास किया जाएगा. इसका विशेष संबंध मालवा क्षेत्र और हिमाचल प्रदेश से भी रहा है, जिसे अब सांस्कृतिक धरोहर के रूप में संरक्षित किया जाएगा.

माता अहिल्याबाई होलकर के स्थलों का संरक्षणकैबिनेट ने पुणे के समीप स्थित देवी अहिल्याबाई होलकर (Ahilyabai Holkar) के जन्मस्थान को विकसित करने का निर्णय लिया. इसके अलावा इंदौर नगर स्थापना के 300 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर वहीं पर विशेष कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी. यह आयोजन महिला सम्मान को समर्पित होगा और अहिल्याबाई द्वारा महेश्वर की साड़ी और रोजगार को बढ़ावा देने के प्रयासों को श्रद्धांजलि दी जाएगी.

कैबिनेट ने यह भी घोषणा की कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच सांस्कृतिक व ऐतिहासिक संबंधों को चिन्हित करते हुए बाजीराव पेशवा, होलकर, शिंदे, तात्या टोपे, रानी लक्ष्मीबाई जैसे वीरों के ऐतिहासिक दस्तावेजों को संकलित कर डिजिटलीकरण किया जाएगा.