मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच विधानसभा के विशेष सत्र में तीखी बहस देखने को मिली. मुख्यमंत्री मोहन यादव महिला आरक्षण बिल पर संकल्प पेश कर रहे थे. जिसे बहुमत के साथ सदन में पारित किया गया.

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इस बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार बीच में बोलने लगे. उन्होंने कहा कि मैं पेंटा बॉर्डर की बात कर रहा हूं मुख्यमंत्री को वापस से नियम बताऊं क्या? उनके बोलते ही सीएम ने भी बोलना शुरू कर दिया. इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जवाब देते हुए कहा कि आपके चिल्लाने से कुछ नहीं होने वाला है. आपसे कई गुना ज्यादा चिल्ला सकते हैं.

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चिल्लाने से कुछ नहीं होगा- मोहन यादव

उन्होंने कहा कि अगर सदन में कोई डराने की बात करेगा तो यह बात मंजूर नहीं करेंगे. तीखी बहस में आगे उन्होंने कहा कि डराने की बजाय अपनी बात को कहना चाहिए. चिल्लाने से कुछ नहीं होगा. हम मैदान में निपट लेंगे. मुख्यमंत्री की भाषा को लेकर उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पोस्ट में सवाल खड़े कर दिए हैं.

नेता प्रतिपक्ष ने सीएम की भाषा पर उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर इस बहस का वीडियो शेयर किया. इस पर उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री अपने पुराने स्वभाव को छोड़ नहीं पा रहे हैं. सदन में ऐसी अभद्र भाषा और अमर्यादित रवैया, वो भी प्रदेश के मुखिया होकर, तो फिर बाकी बीजेपी नेताओं से क्या उम्मीद करें?

चिल्लाना सदन में भी और मैदान में भी जानते हैं- मोहन यादव

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आगे कहा कि हम सदन में भी चिल्लाना जानते हैं और मैदान में भी चिल्लाना जानते हैं. यह बात गलत तरीके से कही जा रही है. यह नियम और कानून के साथ चलने वाला सदन है. हम डरने वाले नहीं हैं. कोई डराएगा तो उससे निपटने के लिए तैयार हैं.

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