Monalisa: महाकुंभ में आई खूबसूरत आंखों वाली मोनालिसा ने शेयर किया ये वीडियो, फैंस हो जाएंगे खुश, लिखा, 'आप सब लोगों ने...'
Monalisa Bhosle News: इंदौर की कत्थई आंखों वाली मोनालिसा के प्रयागराज महाकुंभ को छोड़ने की खबरों से सोशल मीडिया यूजर्स निराश हो गए थे, लेकिन अब उन्हें मायूस होने की जरूरत नहीं है.

Monalisa Bhosle: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगे महाकुंभ में अपनी खूबूसूरती की वजह से सोशल मीडिया पर सुर्खियों में छाई मोनालिसा ने एक बार फिर अपने फैंस को खुश करने वाला काम किया है. अबकी बार उन्होंने अपने इंस्टा पर करीबियों के साथ केक काटने का वीडियो क्लिप साझा कर सभी को चौंका दिया है. वीडियो क्लिप में मोनालिसा हंसते हुए दिखाई दे रही हैं.
मोनालिसा का यह नया अवतार उनके फैंस को खुश होने के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है. मोनालिसा ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "आप सब लोगों ने मुझे इतना प्यार दिया उसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद."
View this post on Instagram
महाकुंभ के बाद घर लौटेगी मोनालिसा
दरअसल, कत्थई आंखों वाली लड़की मोनालिसा के प्रयागराज महाकुंभ को छोड़ने की खबरों से सोशल मीडिया यूजर्स निराश हो गए थे, लेकिन उनके चाहने वालों को मायूस होने की जरूरत नहीं है. ऐसा इसलिए कि मोनालिसा के दादा ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पोती महाकुंभ मेले में ही है. वह महाकुंभ समाप्त होने के बाद ही घर लौटेगी.
मोनालिसा के दादा ने बताया है कि मोनालिसा यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की भीड़ की वजह से परेशान हो गई है. ऐसा इसलिए कि सैकड़ों लोग उसके साथ सेल्फी लेने के लिए महाकुंभ में पहुंच रहे हैं.
सोशल मीडिया पर क्यों छाई मोनालिसा?
मोनालिसा इंदौर के माहेश्वर इलाके की रहने वाली हैं. मोनालिसा एक साधारण लड़की है जो महाकुंभ में माला बेचती है, लेकिन वह अपनी मंत्रमुग्ध करने वाली आंखों और सादगी की वजह से सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से छाई हैं.
मोनालिसा का सुर्खियों में आने के बाद से लोग उनके असली नाम, पारिवारिक पृष्ठभूमि और जीवन की कहानी के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी सर्च कर रहे हैं. अब तो लोग इस गूगल ये भी सर्च कर रहे हैं उनका ब्वॉयफ्रेंड कौन हैं और वो क्या करता है?
बता दें कि मोनालिसा 50 लोगों के एक ग्रुप के साथ प्रयागराज महाकुंभ पहुंची हैं. वह अपने परिवार के साथ स्फटिक, रुद्राक्ष और कंठी माला बेचने का काम करती हैं. अब वह अपने फैंस की वजह से मालाएं भी नहीं बेच पा रही हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लोगों की वजह से उन्हें बीच-बीच में संतों के शिविर में भेजना पड़ता है.
ये भी पढ़ें- स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों की याद में 30 जनवरी को रखा जाएगा मौन, MP सरकार ने जारी की गाइडलाइन
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL
























