Madhya Pradesh News: नए साल में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का नया संकल्प पक्षकारों के लिए राहत लेकर आने वाला है. अब हाईकोर्ट में आधा घंटा ज्यादा काम होगा, जिससे लंबित प्रकरणों के निपटान में तेजी आएगी. यहां काम के घंटे 5 से बढ़कर साढ़े पांच हो जाएंगे. मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में बड़ी संख्या में लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण व पक्षकारों को त्वरित न्याय दिलाये जाने की दृष्टि से न्यायालय काम के घंटे बढ़ाने की पहल की गई है. इस उद्देश्य को हासिल करने हेतु मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय नियम, 2008 में संशोधन का सुझाव किया गया है.

3 जनवरी से लागू होंगे नये नियम

पूर्व में उच्च न्यायालय के काम के घंटे सुबह 10:30 बजे से सायं 04:30 बजे तक थे, जिनमें विश्राम की अवधि एक घंटे दोपहर 01:30 बजे से 2:30 बजे तक थी. वास्तविक काम के घंटे 5 ही थे, लेकिन अब साढ़े 5 घंटे काम होगा. संशोधन के बाद मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर खंडपीठ में अब सुबह 10:15 बजे से सायं 04:30 बजे तक कोर्ट का कार्य होगा, जिसमें भोजन के विश्राम की अवधि सिर्फ 45 मिनट यानी दोपहर 01:30 बजे से 02:15 बजे तक होगी. इस तरह प्रतिदिन आधा घंटा समय बढ़ने से लम्बित प्रकरणों के निराकरण में इजाफा होगा. उक्त संशोधन म.प्र. राजपत्र की अधिसूचना 31.12.2021 में प्रकाशित हो चुका है, जो अगले कार्य दिवस यानि सोमवार 3 जनवरी 2022 से प्रभावी होगा. 

लंबित पड़े हैं चार लाख मामले

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की तीनों बेंच में करीब चार लाख लंबित मामलों का भारी-भरकम बोझ है. वहीं कुल स्वीकृत पदों के मुकाबले वर्तमान न्यायाधीशों की संख्या कम है. इसी वजह से न्याय-दान प्रक्रिया अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही है. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर और खंडपीठ इंदौर व ग्वालियर में लंबित मुकदमों के हिसाब से पदस्थ न्यायाधीशों की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है. यही वजह है कि पुराने मामले निराकृत नहीं हो पाते और नए मामले दायर हो जाते हैं.

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