कटनी के सरस्वाही स्थित शासकीय कन्या छात्रावास में एक गंभीर घटना सामने आई है. दूषित पानी और नाश्ते के कारण 9 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई. इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है. घटना के बाद छात्रावास में हंगामा मच गया.

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छात्राओं ने छात्रावास के बाहर धरना देते हुए पानी, भोजन और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई.

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नाश्ता करने के बाद बिगड़ी तबीयत

सुबह नाश्ता करने और पानी पीने के बाद अचानक 9 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई. सभी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. तीन छात्राओं की हालत गंभीर है. फिलहाल सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

छात्राओं ने खुद मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया. वीडियो में उन्होंने कलेक्टर और जिला प्रशासन से छात्रावास पहुंचकर समस्याएं सुनने की अपील की.

प्रशासन पर सवाल

छात्राओं का आरोप है कि वीडियो वायरल होने के बावजूद काफी देर तक कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा. इस घटना ने छात्रावास की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

मध्य प्रदेश में छात्रावास मानक

मध्य प्रदेश सरकार ने छात्रावासों के लिए कुछ बुनियादी मानक निर्धारित किए हैं. इसमें प्रत्येक छात्र/छात्रा के लिए न्यूनतम 40 वर्ग फीट रहने की जगह. प्रत्येक छात्रावास में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था (RO या फिल्टर पानी), पर्याप्त शौचालय और स्नानघर (1:10 अनुपात में). बिजली, पंखे, लाइट और बैकअप व्यवस्था. खाने की जगह (डाइनिंग हॉल) और रसोईघर में स्वच्छता मानक व अग्निशमन उपकरण (फायर एक्सटिंग्विशर) अनिवार्य है.

इसके अलावा छात्रावास में प्राथमिक चिकित्सा किट और नर्स/डॉक्टर की उपलब्धता जरूरी है. सुरक्षा गार्ड (24x7) और सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य है. लड़कियों के छात्रावास में महिला सुरक्षा कर्मी की व्यवस्था. भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच (FSSAI मानक) जरूरी है.

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