इंदौर के लोगों को फिर मिल रही 'काले पानी' की सजा? जीतू पटवारी ने वीडियो शेयर कर लगाया आरोप
Indore News in Hindi: इंदौर में जहरीले पानी से मौतों के बाद भी भागीरथपुरा में काला पानी आने का आरोप जीतू पटवारी ने लगाया है. उन्होंने दावा किया कि करोड़ों खर्च के बाद भी हालात नहीं सुधरे.

मध्य प्रदेश का इंदौर जिला हाल ही में जहरीले पानी और उससे होने वाली मौतों की वजह से सुर्खियों में रहा. जिला प्रशासन ने पानी की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए काम शुरू कर दिया है, लेकिन इस बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी एक बड़ा दावा कर रहे हैं. जीतू पटवारी ने एक वीडियो शेयर कर आरोप लगाया कि शहर के नलों में अब भी काला पानी आ रहा है.
इंदौर में पेयजल व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र से नलों में काला और गंदा पानी आने का मामला सामने आया है, जिसके बाद सियासत भी तेज हो गई है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें नल से दूषित पानी निकलता दिख रहा है.
'कई मौतों के बाद भी नहीं सुधरे हालात'- जीतू पटवारी
दरअसल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि यह वीडियो भागीरथपुरा इलाके का है. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा कि पहले भी दूषित पानी के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है, इसके बावजूद हालात नहीं सुधरे. पटवारी ने आरोप लगाया कि जनता को अब भी साफ पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा है और जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं.
वहीं, जीतू पटवारी ने यह भी कहा कि इंदौर की जनता को मजबूरन ऐसा पानी पीना पड़ रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है. उन्होंने प्रशासन और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की और लोगों से इस मुद्दे पर आवाज उठाने का आह्वान किया.
36 मौतों के बाद भी इंदौर के परिजन यह ज़हर पीने के लिए मजबूर हैं।
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) February 26, 2026
भाजपा के मंत्री ने इंदौर के लोगों को
अनपढ़ बताया,
उनसे औक़ात पूछी,
और उसके बाद भी पानी में ज़हर देकर बता रहे हैं कि इंदौर के लोगों की जान की कोई कीमत नहीं।
इंदौरवासियों, न्याय करो। pic.twitter.com/BaZekhq6wa
सिस्टम सुधार पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये
गौरतलब है कि बीते साल दिसंबर में भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की आपूर्ति के चलते सैकड़ों लोग बीमार हो गए थे और कई मौतों की भी पुष्टि हुई थी. इसके बाद इंदौर नगर निगम ने जलप्रदाय व्यवस्था सुधारने के लिए बड़े स्तर पर काम शुरू किया था. नई पाइपलाइन बिछाने और सिस्टम सुधार पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने की बात कही गई थी.
अब एक बार फिर सामने आए इस वीडियो ने उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि, प्रशासन की ओर से फिलहाल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. दूसरी ओर, विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.
इंदौर प्रशासन की जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल, पूरे मामले पर प्रशासनिक जांच का इंतजार है. सवाल यही है कि क्या इंदौरवासियों को वाकई शुद्ध पेयजल मिल पाएगा, या यह मुद्दा सिर्फ सियासी बयानबाजी तक ही सीमित रह जाएगा.
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Source: IOCL
























