Madhya Pradesh News: जबलपुर (Jabalpur) में गरीब छात्रों की स्कॉलरशिप डकारने वाले पैरामेडिकल कॉलेजों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है. इसके साथ ही उनसे घोटाले की रकम वसूल करने के लिए कलेक्टर द्वारा आरआरसी भी जारी की जा रही है. जबलपुर में स्कॉलरशिप के घोटालेबाज कॉलेजों की संख्या ढाई दर्जन के आसपास है और घोटाले की रकम 2 करोड़ रुपये से ऊपर है.
दोषी कॉलेजों पर हो कार्रवाई कलेक्टर जबलपुर डॉ इलैयाराजा टी ने बुधवार को राजस्व अधिकारियों की एक बैठक लेकर साथ किया. जिन भी पैरामेडिकल कॉलेजों में पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप मामले में अनियमितताएं हुई है, उनके खिलाफ थानों में एफआईआर दर्ज कराई जाए. इसके साथ ही उनसे राशि की वसूली के लिए जरूरी हो तो कुर्की (RRC) की कार्रवाई भी की जाए. उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर दोषी कॉलेजों को छोड़ा न जाए.
पैरामेडिकल कॉलेजों से वसूलीकलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने बुधवार को आयोजित समय सीमा की बैठक में कहा कि पैरामेडिकल कॉलेजों से राशि की वसूली हेतु आरआरसी जारी की जाए. वसूली न हो पाने की स्थिति में उनके विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई की जाए. बैठक में पैरामेडिकल कॉलेजों को स्वीकृत पोस्टमैट्रिक स्कॉलरशिप की चल रही जांच में अभी तक हुई प्रगति की समीक्षा की गई. बैठक में अपर कलेक्टर शेर सिंह मीणा सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी मौजूद थे.
क्या है मामला?यहां बता दें कि साल 2010 से 2014 तक प्रदेश के सैकड़ों पैरा मेडिकल कॉलेजों में पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप में करोड़ों का घोटाला किया गया था. इस मामले में युवा अधिवक्ता विशाल बघेल ने 2015 में जबलपुर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी. इसके बाद सरकार ने स्कॉलरशिप घोटाले की जांच लोकायुक्त को सौंप दी थी.
लंबे समय तक यह मामला दबा कर रखा गया लेकिन जनवरी 2022 में विशाल बघेल ने आरटीआई के माध्यम से घोटाले से जुड़े सभी तथ्यात्मक रिकॉर्ड निकाला. साथ ही एक बार फिर हाईकोर्ट के दरवाजे पर दस्तक दी. जब हाईकोर्ट से सरकार को नोटिस जारी हुआ तो वह फिर नींद से जागी और घोटाले बाजों से रिकवरी के लिए कमर कसी.इस मामले में राजनीतिक दलों के सफेदपोश नेताओं के नाम भी घोटाले बाजों की लिस्ट में शामिल है.