मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में हुए बरगी बांध नाव हादसे को लेकर अब नए सवाल खड़े हो गए हैं. हादसे में बचने वाले एक व्यक्ति ने नाव को तोड़े जाने पर आपत्ति जताई है और कहा है कि इससे जांच प्रभावित हो सकती है.

हादसे में अपने परिवार के 9 सदस्यों के साथ बचने वाले अधिवक्ता रोशन आनंद कोरी ने कहा कि जब नाव को पानी से बाहर निकाला गया था, तब वह काफी हद तक सही हालत में थी.

उनके मुताबिक, नाव की बॉडी और इंजन की पूरी जांच की जानी चाहिए थी, ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके. उन्होंने आरोप लगाया कि नाव को काट देने से उसकी मजबूती और बनावट की सही जांच अब संभव नहीं रह गई है.

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बरगी सिटी के पुलिस अधीक्षक अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि SDRF और NDRF की टीमों ने यह सुनिश्चित करने के लिए नाव को काटा था कि उसके अंदर कोई व्यक्ति फंसा न रह जाए. उन्होंने यह भी बताया कि तकनीकी टीम ने जांच के लिए नाव का इंजन अपने कब्जे में ले लिया है.

13 लोगों की गई थी जान

यह दर्दनाक हादसा 30 अप्रैल को बरगी बांध में हुआ था, जब राज्य पर्यटन विभाग की नाव अचानक पलट गई थी. इस हादसे में महिलाओं और बच्चों समेत 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था.

नाव की उम्र और सुरक्षा पर भी सवाल

रोशन कोरी ने बताया कि यह नाव साल 2006 मॉडल की थी और करीब 20 साल पुरानी हो चुकी थी. उन्होंने कहा कि इतनी पुरानी नाव के मटेरियल और सुरक्षा इंतजामों की जांच बेहद जरूरी थी. सिर्फ इंजन निकालकर जांच करना काफी नहीं है.

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सरकार ने दिए जांच के आदेश

घटना के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. साथ ही नाव चलाने वाले चालक दल के तीन सदस्यों को बर्खास्त कर दिया गया है. इसके अलावा, इस तरह की नौकाओं के संचालन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है.