'पानी दिला दो साहब...', जल संकट से त्रस्त इंदौर में पुलिस के पैरों में 'दंडवत' हुए कांग्रेस पार्षद
Indore Water Crisis: इंदौर में जल संकट से हाहाकार मच गया है. प्यासी जनता ने चक्काजाम किया, वहीं एक पार्षद ने पुलिस अफसरों के पैरों में दंडवत होकर पानी के लिए गुहार लगाई.

'मिनी मुंबई' कहे जाने वाले और देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में इन दिनों पानी के लिए त्राहिमाम मचा हुआ है. करोड़ों के विकास और 'स्मार्ट सिटी' (Smart City) की चमक के बीच हालात ऐसे हो गए हैं कि जनता को अपनी प्यास बुझाने के लिए नलों के बजाय अब सड़कों पर उतरना पड़ रहा है. भीषण गर्मी के बीच गहराए जल संकट ने लोगों का सब्र तोड़ दिया है.
शहर के कई इलाकों में पानी न मिलने से भड़के रहवासियों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया और नगर निगम (Indore Municipal Corporation) की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी.
"सर पानी नहीं है, पानी दिलवा दो... जनता मर जाएगी!" 💧
— kishan kumar (@kishanbjmc) May 24, 2026
जल संकट के बीच सिस्टम के सामने एक जनप्रतिनिधि की बेबसी का यह वीडियो आपको झकझोर देगा। वार्ड 75 के कांग्रेस पार्षद अधिकारियों के सामने सड़क पर दंडवत हो गए और रेंगते हुए उनके पैरों तक जाकर पानी की गुहार लगाई।#WaterCrisis #Water pic.twitter.com/y0vjZm1xuF
पुलिस अफसरों के पैरों में दंडवत हुए पार्षद
जल संकट के खिलाफ इस विरोध प्रदर्शन के दौरान एक बेहद भावुक और हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला. वार्ड 75 के कांग्रेस पार्षद अधिकारियों के सामने चक्काजाम के दौरान जमीन पर दंडवत हो गए. वे रेंगते हुए पुलिस अफसरों के पैरों तक पहुंचे और गुहार लगाते हुए बोले- "सर पानी नहीं है, पानी दिलवा दो... जनता मर जाएगी." पार्षद की इस बेबसी ने निगम प्रशासन के दावों पर कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
बूंद-बूंद को मोहताज लोग, सूखे बोरवेल
इंदौर के मालवा मिल, पालदा सहित कई क्षेत्रों में जल संकट ने विकराल रूप ले लिया है. रहवासियों का कहना है कि कई दिनों से नियमित जलप्रदाय (Water Supply) नहीं हो रहा है. नलों में पानी नहीं आ रहा है और जिन बोरवेलों के सहारे लोग गर्मी काट रहे थे, उन्होंने भी अब जवाब दे दिया है. हालात इतने बदतर हैं कि महिलाओं और बुजुर्गों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है.
खोखले साबित हो रहे निगम के दावे
एक तरफ जनता पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है, वहीं नगर निगम के अपर आयुक्त आशीष पाठक और अन्य अधिकारियों का दावा है कि नर्मदा का पानी टंकियों तक पहुंचाया जा रहा है और प्रभावित इलाकों में टैंकरों से सप्लाई की जा रही है. लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है. लोगों का कहना है कि टैंकर या तो पहुंच नहीं रहे हैं या फिर पानी की मात्रा जरूरत से बेहद कम है.
रहवासियों के इस प्रदर्शन को कांग्रेस नेताओं का भी समर्थन मिला है. कांग्रेस ने स्मार्ट सिटी के नाम पर खर्च किए गए करोड़ों रुपयों पर सवाल उठाते हुए नगर निगम को घेरा है. लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह विरोध प्रदर्शन और भी उग्र होगा.
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