इंदौर में दूषित पानी से मौत के मामलों में चौकाने वाला खुलासा हुआ है. भागीरथपुरा इलाके में नर्मदा लाइन से जो पानी सप्लाई हो रहा था उसमें घातक बैक्टीरिया थे. पानी के सैंपल में ऐसे तत्व भी पाए गए हैं जो उल्टी, दस्त और हैजा जैसी बीमारी के लिए जिम्मेदार होते हैं. अभी तक 80 सैंपल की जांच कराई गई है, जिसमें से कुछ की रिपोर्ट आ गई है. जबकि पूरी रिपोर्ट आने में 1 से 2 दिन का समय लग सकता है.
इंदौर के जहरीले पानी में क्या था?
इंदौर के जहरीले पानी के सैंपल में कई तरह के बैक्टीरिया पाए गए हैं. इनमें फीकल कॉलीफॉर्म, ई कोलाई, क्लेस बेला बैक्टीरिया शामिल है. ये उल्टी, दस्त के लिए जिम्मेदार है. वहीं विब्रियो कोलेरी भी पाया गया जो हैजा का कारक है. हालांकि अभी विस्तृत लैब रिपोर्ट का इंतजार है.
इंदौर में दूषित पानी से कितने लोगों की मौत?
बताया जा रहा है कि दूषित पानी को लेकर इंदौर के लोग लगातार शिकायत कर रहे थे लेकिन किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की गई. 6 महीने पानी सप्लाई वाटर पाइप लाइन को बदले जाने का टेंडर पास हो चुका था लेकिन काम अभी शुरू नहीं हुआ था. मौतों को लेकर अलग-अलग आंकड़े आ रहे हैं. भागीरथपुरा से बीजेपी पार्षद के मुताबिक अब तक 12 लोगों की जान जा चुकी है. स्थानीय लोगों के अनुसार मौत का आंकड़ा 14 है.
अफसरों की लापरवाही से लोगों की जान गई-बीजेपी पार्षद
इस बीच भागीरथपुरा से बीजेपी पार्षद कमल बाघेला ने एबीपी न्यूज़ से कहा है कि अफसरों की लापरवाही की वजह से लोगों की जान गई है. उन्होंने कहा कि तीन साल पहले ही दूषित पानी की शिकायत की थी. बाघेला ने सीएम मोहन यादव से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है.
इंदौर में जहरीले पानी से मौत के मामले में सियासत तेज
इंदौर में जहरीले पानी से मौत के मामले में सियासत भी गरमायी हुई है. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस का कहना है कि सत्ता के अहंकार और भ्रष्टाचार से ये घटना हुई है. सरकार अपनी लापरवाही अधिकारियों पर डालना चाहती है. जहरीले पानी से 15 लोगों की मौत हुई है. सरकार सिर्फ झूठ बोल रही है. कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा होना चाहिए.
कांग्रेस ने इंदौर के मेयर के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की मांग की है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, ''ये लोग जनता को मूर्ख समझते हैं. अफसरों के सिर पर ये सरकार पूरा ठिकरा फोड़ना चाहती है ताकि खुद को पाक साफ दिखा सके.''