मध्य प्रदेश में इंदौर के एमवाय अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट राकेश गौरवे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है. ईओडब्ल्यू की जांच में राकेश गौरवे और उनके परिवार के पास ज्ञात आय से करीब 108 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने का दावा किया गया है. 

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कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति, नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं. फिलहाल ईओडब्ल्यू मामले की विस्तृत जांच कर रही है और कई अन्य पहलुओं की भी पड़ताल जारी है. ईओडब्लू की कार्रवाई से स्वास्थ्य महकमे में हडकंप मचा हुआ है.

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दो करोड़ से अधिक की संपत्ति 

ईओडब्ल्यू की डीएसपी नंदिनी शर्मा के अनुसार, एमवाय अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट राकेश गौरवे और उनके परिवार के पास लगभग 2 करोड़ 13 लाख 85 हजार रुपये की चल एवं अचल संपत्ति का पता चला है. जांच में उनकी कुल वैध आय 1 करोड़ 11 लाख 31 हजार 383 रुपये आंकी गई, जबकि अर्जित संपत्ति ज्ञात आय से करीब 108 प्रतिशत अधिक पाई गई.

पत्नी भी सरकारी सेवा में 

जांच में सामने आया कि राकेश गौरवे की नियुक्ति वर्ष 2007 में हुई थी. वर्ष 2015 में उनका मासिक वेतन 18 हजार 711 रुपये था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 54 हजार 664 रुपये हो गया. उनकी पत्नी मीनाक्षी गौरवे वर्ष 2010 से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं और वर्तमान में उनका मासिक वेतन 42 हजार 402 रुपये है.

प्लाट-मकान कैश बरामद 

ईओडब्ल्यू की छापेमारी में इंदौर स्थित पांच प्लॉट, एक दो मंजिला मकान, 1 लाख 51 हजार रुपये नकद और संपत्तियों से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं. जांच एजेंसी सरकारी दवा स्टॉक में संभावित अनियमितताओं और विदेश यात्रा, विशेषकर थाईलैंड यात्रा, से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है. ईओडब्ल्यू का कहना है कि जांच जारी है और आगे और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं.

उधर इस कार्रवाई पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कोई बयान नहीं आया है. लेकिन अब पूरे विभाग पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

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