ग्वालियर में पड़ोसी ने दिया धोखा, भाई बनकर अपनी पत्नी का किया कन्यादान, ऐसे खुला 'लुटेरी दुल्हन' राज
Looteri Dulhan: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शादी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है. एक निजी अस्पताल में काम करने वाले युवक को गरीब लड़की बताकर जिस युवती से शादी कराई गई, वह पहले से शादीशुदा निकली.

- ग्वालियर में युवक से गरीब लड़की के नाम पर शादी कराई गई.
- पहले से शादीशुदा युवती निकली लुटेरी दुल्हन, भाई बना पति.
- पुलिस ने दुल्हन और उसके असली पति समेत 7 पर केस दर्ज.
- दुल्हन के कथित पति को हिरासत में, अन्य की तलाश जारी.
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शादी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है. एक निजी अस्पताल में काम करने वाले युवक को गरीब लड़की बताकर जिस युवती से शादी कराई गई, वह पहले से शादीशुदा निकली. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस व्यक्ति ने भाई बनकर कन्यादान कराया, वही उसका असली पति निकला. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने लुटेरी दुल्हन समेत 7 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर लुटेरी दुल्हन के पति को हिरासत में ले लिया.
यह मामला ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र का है. यहां के नाका चंद्रवदनी इलाके में रहने वाले रतन शर्मा जबलपुर के एक निजी अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में टीम लीडर हैं. परिवार में पांच भाई हैं और किसी की भी शादी नहीं हुई थी. परिवार अच्छे रिश्ते की तलाश में था. इसी मजबूरी का फायदा पड़ोसी सोनू तिवारी ने उठाया.
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धोखे से करवाई शादी
सोनू तिवारी ने रतन के भाई गोविंद को बताया कि मुरैना निवासी उसका दोस्त सोनू उर्फ अजय चौहान अपनी गरीब मुंहबोली बहन राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल के लिए रिश्ता तलाश रहा है. भरोसा कर रतन की मां और भाई लड़की देखने पहुंचे. फोटो पसंद आने के बाद रिश्ता तय हो गया. रतन जबलपुर से ग्वालियर आया. 27 अप्रैल 2026 को आरोपी सोनू चौहान खुद को लड़की का भाई बताकर गोद भराई की रस्म भी करवाने पहुंचा. इसके बाद 7 मई को पाटनकर चौराहा स्थित सुखसागर होटल में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई गई. शादी में करीब 7 लाख रुपए खर्च हुए. शादी में सोनू चौहान की मां माया देवी ने लड़की की मां बनकर कन्यादान किया. उसकी बहन शिल्पी, जीजा राघवेंद्र और भाई सत्येंद्र भी लड़की की तरफ से शामिल हुए.
कैसे हुआ लूटेरी दुल्हन का पर्दाफाश?
शादी के बाद दुल्हन को विदा कर नाका चंद्रवदनी स्थित घर लाया गया. शादी के बाद दुल्हन लगातार मोबाइल पर किसी से चैट करती रहती थी. एक दिन शक होने पर एक रात दुल्हन के सो जाने पर रतन ने उसका मोबाइल चेक किया. व्हाट्सऐप चैट देखकर उसके होश उड़ गए. पता चला कि भाई बनकर शादी कराने वाला सोनू उर्फ अजय चौहान ही दीक्षा का असली पति है. दोनों ने 2024 में आगरा के आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था और पति-पत्नी की तरह रह रहे थे. रतन को समझ आया कि यह पूरा गिरोह सुनियोजित तरीके से शादी कराकर लाखों के जेवर और नकदी लूटने की फिराक में था.
गिरफ्त में लुटेरी दुल्हन और उसका पहला पति
रतन ने तुरंत परिवार को बताया और दुल्हन को पकड़कर झांसी रोड थाने पहुंच गए. पुलिस ने राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल, सोनू उर्फ अजय चौहान, माया देवी, शिल्पी परमार, राघवेंद्र परमार, सत्येंद्र चौहान और सोनू तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. लुटेरी दुल्हन को जहां वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है. वहीं उसके कथित पति सोनू चौहान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें रवाना कर दी गई हैं.
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