बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ऑस्ट्रेलिया की कैनबरा स्थित संसद सभागार से आध्यात्मिक प्रवचन दिया. उन्होंने कहा कि हम अलग-अलग देश, झंडे, पंत, अलग-अलग उपनाम हैं लेकिन दो चीजें सभी की एक हैं जिसे बदल नहीं सकते. उन्होंने कहा कि खून का रंग और आसमान का रंग सबका एक है. 

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सीजफायर पर क्या बोले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री?

इस दौरान उन्होंने शांति और युद्ध का भी जिक्र किया. अमेरिका और ईरान के बीच हुई सीजफायर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "ये अच्छा हुआ है. अगर अमेरिका के राष्ट्रपति, इजरायल के राष्ट्राध्यक्ष और ईरान के राष्ट्राध्यक्ष हमारी बात सुनें तो हम उनसे कहना चाहेंगे कि तुमसे ज्यादा खतरनाक युद्ध हमारे देश में महाभारत का हुआ. लेकिन जिस जगह पर ये महाभारत लड़ी गई वो आज भी है लेकिन लड़ने वाले निपट गए. युद्ध कोई रास्ता नहीं है. विवाद कोई रास्ता नहीं है."

हमारे यहां शांति विवाद से नहीं संवाद से- धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

बाबा बागेश्वर के नाम से मशहूर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि दुनिया में शांति लाने से पहले अपने मन के भीतर शांति लाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि इस सभागार के माध्यम से हम पूरी दुनिया को ये संदेश देना चाहते हैं कि हम जिस सनातन परंपरा से आते हैं जिसका पहला सिद्धांत ही शांति का प्रारंभ होता है. हमें इसका गौरव है. हमारे यहां शांति का प्रारंभ विवाद से नहीं संवाद से होता है. 

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'भारत ने पूरी दुनिया को परिवार की दृष्टि से देखा'

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि पूरी दुनिया ने सभी देशों को व्यापार की दृष्टि से देखा लेकिन हमारे भारत ने पूरी दुनिया को परिवार की दृष्टि से देखा. भारत के लोगों के दिलों में एकता धड़कती है. हमारे यहां पंत अनेक हैं, मत अनेक हैं, संत अनेक हैं लेकिन सबका सिद्धांत सिर्फ एक है कि विश्व में शांति हो.

बता दें कि अमेरिका-ईरान युद्ध के 40 दिन दुनिया के बड़ी राहत की खबर आई. युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दो हफ्ते के लिए सीजफायर का ऐलान किया. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की शर्त पर युद्धविराम की घोषणा की गई. होर्मुज ही वो जलमार्ग है जिससे होकर भारत सहित दुनियाभर में एलपीजी की सप्लाई होती है. होर्मुज का 60 फीसदी हिस्सा ईरान के नियंत्रण में है.