धार भोजशाला पर कोर्ट के फैसले के बाद ASI का निर्देश, अब बिना रोक-टोक होगी मां सरस्वती की पूजा
Dhar Bhojshala News: एएसआई ने धार भोजशाला विवाद पर महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पुराने सभी आदेश रद्द कर दिए हैं. अब हिंदू समुदाय को भोजशाला परिसर में सरस्वती की निर्बाध पूजा का अधिकार मिल गया है.

मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक धार भोजशाला (Dhar Bhojshala) विवाद मामले में हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के फैसले के बाद आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) ने एक बड़ा और अहम आदेश दिया. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के मद्देनजर ASI ने पुराने सभी आदेशों को रद्द करते हुए नई गाइडलाइंस जारी की हैं.
इसके तहत अब हिंदू समुदाय को भोजशाला परिसर में देवी वाग्देवी (सरस्वती) की पूजा-अर्चना करने का निर्बाध (बिना किसी बाधा के) अधिकार मिल गया है.
दतिया उपचुनाव: ईवीएम-वीवीपैट की FLC प्रक्रिया तेज, चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों की मीटिंग बुलाई
ASI द्वारा जारी किए गए नए निर्देशों की मुख्य बातें
- पुराने सभी आदेश रद्द: ASI ने स्पष्ट किया है कि धार भोजशाला परिसर को लेकर उनके द्वारा पूर्व में जारी किए गए सभी पुराने आदेश तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं.
- पूजा का निर्बाध अधिकार: ASI के निर्देश में कहा गया है कि चूंकि भोजशाला संस्कृत अध्ययन का एक प्राचीन केंद्र रही है और देवी वाग्देवी (सरस्वती) को समर्पित एक मंदिर थी, इसलिए हिंदू समुदाय को अपनी प्राचीन पद्धति के अनुसार देवी सरस्वती की पूजा के लिए परिसर में बिना किसी बाधा के प्रवेश का अधिकार होगा.
- संरक्षित स्मारक का दर्जा बरकरार: पूजा की अनुमति के बावजूद, भोजशाला परिसर 'प्राचीन स्मारक और पुरातत्वीय स्थल और अवशेष (AMASR) एक्ट 1958' के तहत पहले की तरह एक संरक्षित स्मारक (Protected Monument) ही बना रहेगा.
- प्रवेश का समय: स्मारक में आम आगंतुकों और हिंदू भक्तों के प्रवेश का समय क्या होगा, इसका निर्धारण सुपरिटेंडिंग आर्कियोलॉजिस्ट (Superintending Archaeologist) द्वारा स्थानीय जिला प्रशासन की सलाह से किया जाएगा.
- स्मारक की सुरक्षा और संरक्षण: हिंदू समुदाय के अध्ययन और पूजा से जुड़ी गतिविधियों की रूपरेखा भी सुपरिटेंडिंग आर्कियोलॉजिस्ट और जिला प्रशासन मिलकर तय करेंगे. इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि AMASR एक्ट 1958 के प्रावधानों के तहत इस ऐतिहासिक स्मारक का संरक्षण और सुरक्षा पूरी तरह से बनी रहे.
देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में एक्शन, SDM, नायब तहसीलदार, SDOP और चौकी प्रभारी सस्पेंड


























