मध्य प्रदेश में दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पुलिस कार्रवाई लगातार जारी है. चक्का जाम प्रकरण में एफआईआर दर्ज होने के लगभग एक सप्ताह बाद अब पुलिस ने जबरन बाजार बंद कराने के आरोप में एक और मामला दर्ज किया है. इस कार्रवाई के बाद जिले की राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है

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पुलिस के अनुसार, 10 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों द्वारा व्यापारियों पर दबाव बनाकर बाजार बंद कराने की शिकायत मिली थी. इसी आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने किया था चक्काजाम 

यह पूरा घटनाक्रम उस विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जो भाजपा द्वारा दतिया उपचुनाव में डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद हुआ था.विरोध के दौरान समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम किया था. पुलिस ने जाम हटाने के लिए बल प्रयोग किया, लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े थे. इसके बाद पुलिस ने 27 नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था.

पुलिस से बहस का वीडियो वायरल 

अब बाजार बंद कराने के नए मामले ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है. घटना से जुड़े एक वीडियो में नगरपालिका अध्यक्ष के पुत्र एवं भाजपा नेता प्रशांत ढेगुला और पुलिस के बीच बहस होती दिखाई दे रही है. हालांकि इस वीडियो में बाजार बंद कराते हुए कोई दृश्य स्पष्ट नहीं है. पुलिस का कहना है कि मामला व्यापारियों की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है और वीडियो सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है.

एक अन्य वायरल वीडियो में पुलिस निरीक्षक रमेश शाक्य और भाजपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी दिखाई दे रही है. वीडियो में प्रशांत ढेगुला अपनी गाड़ी में बैठते नजर आते हैं और पुलिस के साथ बहस करते दिखाई देते हैं. हालांकि दर्ज एफआईआर में उनका नाम शामिल नहीं है, जिसे लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं.

पुलिस का निष्पक्ष कार्रवाई का दावा 

एसडीओपी आकांक्षा जैन का कहना है कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है. जांच के दौरान जिन लोगों की भूमिका साक्ष्यों से सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

दतिया उपचुनाव के बीच भाजपा नेताओं पर लगातार दर्ज हो रहे मामलों ने राजनीतिक माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है. अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है.

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