मध्य प्रदेश के भिण्ड जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है. आलमपुर में 10वीं कक्षा की एक मेधावी छात्रा की पढ़ाई करते समय अचानक मौत हो गई. डॉक्टरों ने शुरुआती तौर पर मौत का कारण 'साइलेंट कार्डियक अरेस्ट' बताया है. छात्रा की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है.

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तालगांव निवासी विनय कुमार दुबे अरूसी हाईस्कूल में शिक्षक हैं. उनकी 15 वर्षीय पुत्री उर्वागी दुबे (गुनगुन) शनिवार शाम अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी. पिता स्कूल गए थे, मां  बगल के कमरे में टीवी देख रही थीं और छोटे भाई-बहन बाहर खेल रहे थे. जब पिता स्कूल से लौटे और उर्वागी को आवाज दी, तो कोई जवाब नहीं मिला. कमरे में जाने पर वह बिस्तर पर अचेत अवस्था में मिली.परिजन तुरंत उसे डॉक्टर के पास ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया.

मेधावी छात्रा थी उर्वागी

परिजनों ने बताया कि उर्वागी पढ़ाई में बहुत होशियार थी. उसने हाल ही में 10वीं की परीक्षा दी थी और उसे पूरा भरोसा था कि वह 90% से अधिक अंक हासिल करेगी. परीक्षा अच्छी होने की वजह से वह काफी खुश थी, लेकिन किसे पता था कि यह खुशी मातम में बदल जाएगी.

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पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

भिण्ड जिले में कम उम्र के बच्चों में हार्ट अटैक का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले 16 दिसंबर 2022 को भिंड के जामना रोड निवासी कोमल जाटव का 12 वर्षीय कक्षा चार का छात्र मनीष घर से इटावा रोड स्थित निजी स्कूल पढने गया था. जब वह स्कूल से छुट्टी होने पर घर जाने के लिए बस में चढ़ा तो सीट पर बैठते बैठते ही अचानक बेहोश हो कर गिर पड़ा. जिसके बाद बस ड्राइवर ने स्कूल प्रिंसिपल को सूचित किया.

उसे होश में लाने की कोशिश भी की गई लेकिन वह होश में नहीं आया, तो तुरंत चौथी कक्षा के छात्र मनीष के परिवार को सूचना की गई और उसे लेकर प्रबंधन और परिजन जिला अस्पताल पहुंचे.जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया. उस समय भी डॉक्टरों ने कम उम्र में हृदय गति रुकने पर गहरी चिंता जताई थी.