इंदौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील के बाद सराफा कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है. व्यापारियों का कहना है कि बाजार पहले से ही मंदी की मार झेल रहा है और ऐसे समय में इस तरह का बयान कारोबार को और कमजोर कर सकता है. इसी मुद्दे को लेकर बुधवार (13 मई) को इंदौर जिला कांग्रेस सेवादल का एक प्रतिनिधिमंडल सराफा बाजार पहुँचा और व्यापारियों से चर्चा की.

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कांग्रेस सेवादल के कार्यकारी अध्यक्ष विवेक खंडेलवाल के नेतृत्व में मधुसूदन भालकी, गिरीश जोशी, आकाश निजामपुरकर और दीपक नागा सहित कई कांग्रेस नेता बाजार पहुँचे. इस दौरान उन्होंने व्यापारियों को सांकेतिक रूप से मोदी छाप ताले के पोस्टर भी भेंट किए.

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कांग्रेस नेताओं ने व्यापारियों की समस्याएँ सुनने के बाद केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. विवेक खंडेलवाल ने कहा कि देश पहले ही आर्थिक मंदी, बेरोजगारी और बाजार में घटती खरीद क्षमता जैसी समस्याओं से जूझ रहा है. ऐसे समय में प्रधानमंत्री की यह अपील सराफा कारोबारियों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है.

उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार व्यापार बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ करोड़ों लोगों को रोजगार देने वाले कारोबार को प्रभावित करने वाले बयान दिए जा रहे हैं. इससे बाजार में डर और अस्थिरता का माहौल बन रहा है.

नोटबंदी और जीएसटी का भी उठाया मुद्दा

खंडेलवाल ने कहा कि नोटबंदी और गलत जीएसटी व्यवस्था के बाद अब सराफा व्यापार पर मोदी छाप ताला लगाने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों का असर सीधे छोटे व्यापारियों और उनके परिवारों पर पड़ रहा है.

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सराफा कारोबार से लाखों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है. अगर बाजार में इसी तरह की अनिश्चितता बनी रही तो छोटे दुकानदारों और कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है.

व्यापारियों ने भी जताई चिंता

सराफा व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकम सोनी ने भी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि बाजार की हालत पहले से कमजोर है और कारोबार लगभग ठप पड़ा हुआ है. ऐसे समय में प्रधानमंत्री का बयान व्यापारियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है.

उन्होंने कहा कि इसका असर सिर्फ व्यापारियों पर नहीं बल्कि सरकार के जीएसटी राजस्व पर भी पड़ेगा. व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी और शादी-विवाह के सीजन से पहले इस तरह के बयान से ग्राहकों में भ्रम की स्थिति बन सकती है, जिससे बाजार पर सीधा असर पड़ेगा.

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कांग्रेस ने आंदोलन की दी चेतावनी

कांग्रेस सेवादल ने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र सरकार व्यापारियों की समस्याओं को नजरअंदाज करती रही तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक इस मुद्दे को उठाएगी. नेताओं ने कहा कि सरकार को व्यापार और बाजार की वास्तविक स्थिति को समझते हुए ऐसे बयान देने से बचना चाहिए, ताकि कारोबार और रोजगार दोनों सुरक्षित रह सकें.