सरायकेला जिला झारखंड का सबसे बड़ा औद्योगिक जिला है. यहां उद्योग मजदूर एवं मशीनरी के भरोसे चलते हैं, लेकिन जीने के लिए अपना और परिवार का पेट भरने के लिए खाना भी जरूरी है. ऐसे में मजदूरों और उद्योगों के लिए एलपीजी गैस आवश्यकता बन चुका है. चाहे वह गैस कटिंग का मामला हो या गैस वेल्डिंग का, बिना एलपीजी के यह संभव ही नहीं है. अगर दो देशों का युद्ध वैश्विक युद्ध बन जाए तो विश्व में आपदा की संभावना को अनदेखा नहीं किया जा सकता है.

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इस बीच झारखंड के सरायकेला जिले में भ्रष्टाचार चरम पर हो चुका है. इसकी भनक जब अधिकारियों को हुई तो सरायकेला के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) IAS अभिनव प्रकाश ताबड़तोड़ छापेमारी करते देखे गए और कई पुख्ता चीजें हाथ लगी हैं. 

पहला मामला, सरायकेला जिले के आदित्यपुर इलाके में स्थित केसरी गैस सर्विस एजेंसी में बड़ी लापरवाही सामने आई. इलाके में गैस सिलेंडर वितरण में भारी धांधली की खबर मिलने के बाद स्थानीय अनुमंडल पदाधिकारी IAS अभिनव प्रकाश ने दल-बल के साथ गैस एजेंसी के मुख्य गोदाम और दफ्तर पर अचानक धावा बोल दिया. जांच के दौरान 31 मार्च को बांटे गए गैस सिलेंडरों की डिस्ट्रीब्यूशन स्लिप (वितरण रसीद) नहीं दिखाने पर एसडीओ अभिनव प्रकाश ने कड़े तेवर अपनाते हुए गैस एजेंसी के मालिक और प्रबंधकों की क्लास लगाई और जमकर फटकार लगाई.

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डीएससी नंबर मिलने के बाद भी 200 से अधिक लाचार उपभोक्ता भूखे-प्यासे कतार में खड़े रहे

विदित हो कि इससे ठीक एक दिन पहले यानी मंगलवार (31 मार्च) को केसरी गैस एजेंसी के गोदाम के बाहर हाहाकार मचा हुआ था. यहां 200 से अधिक गरीब और मध्यमवर्गीय लाचार महिला-पुरुष उपभोक्ता अपने खाली सिलेंडर लिए सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े थे. आक्रोशित उपभोक्ताओं का आरोप था कि ऑनलाइन बुकिंग करने और मोबाइल पर बाकायदा डीएससी नंबर मिलने के बावजूद एजेंसी के कर्मचारी उन्हें टरका रहे थे.

उपभोक्ताओं ने यह सनसनीखेज आरोप भी लगाया था कि रात के अंधेरे में सिलेंडरों से लदा पूरा ट्रक गायब हो गया और जनता के हक की घरेलू गैस को होटलों और कमर्शियल उपयोग के लिए ब्लैक मार्केट (कालाबाजारी) में बेच दिया गया.

डिस्ट्रीब्यूशन स्लिप दिखाने का सख्त निर्देश, वरना होगी कानूनी कार्रवाई

गोदाम में सघन छापेमारी और स्टॉक के सत्यापन के बाद मीडिया से बातचीत में एसडीओ अभिनव प्रकाश ने बताया कि प्रशासनिक टीम ने एजेंसी के मौजूदा गैस स्टॉक, सप्लाई चेन और डिस्ट्रीब्यूशन रजिस्टर की गहराई से जांच की है. जांच के दौरान 31 मार्च (मंगलवार)  को बांटे गए गैस सिलेंडरों का आधिकारिक वितरण स्लिप गायब मिला. यह भारी वित्तीय और प्रशासनिक हेराफेरी की ओर साफ इशारा करता है.

इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए एसडीओ अभिनव प्रकाश ने गैस एजेंसी प्रबंधन को अगले दो से तीन दिनों के भीतर सभी डिस्ट्रीब्यूशन स्लिप को हर हाल में प्रस्तुत करने का सख्त अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने दो-टूक चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि यदि तय समय पर स्लिप नहीं दिखाई गई, तो एजेंसी का लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ आरोपियों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाएगा. 

दूसरा मामला क्या  है?

सरायकेला जिले के टीचर्स ट्रेंनिंग मोड़ के निकट सीसीटीवी और इंटरनेट लगाकर अवैध रूप से गैस कटिंग की जा रही थी. जब एसडीओ अभिनव प्रकाश ने छापा मारा तो मौके से संचालक फरार गया. वहीं पुलिस की टीम को पहुंचने में भी देरी हुई. सरायकेला एसडीओ ने अवैध रूप से गैस कटिंग करने वाले एक झोपड़ी नुमा दुकान में छापेमारी की है. यह बाहर से देखने पर वह एक साधारण झोपड़ी की दुकान लग रही थी, लेकिन जैसे ही शटर उठाकर एसडीओ प्रकाश ने अंदर प्रवेश किया तो वहां कई कमर्शियल सिलेंडर और एक 47 लीटर का सिलेंडर बरामद किया गया. 47 लीटर के सिलेंडर पर गैस कटिंग के लिए बाकायदा आधुनिक तकनीक से पाइप एवं अन्य यंत्र लगाए गए थे. वहीं, उसी झोपड़ी में सीसीटीवी और इंटरनेट कनेक्शन भी मिला है. इसके अलावा अग्निशामक वाला एक सिलेंडर भी वहां मौजूद था.  

स्थानीय लोगों ने बताया गया कि वहां इंडियन गैस की एजेंसी चलती है. शिकायत के बाद वहां करीब 1 घंटे इंतजार के बाद पुलिस की टीम पहुंची और सरायकेला एसडीओ द्वारा कई निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही कहा कि अगर यह एजेंसी वैध तरिके से संचालित नहीं हो रही तो संचालक पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी. हालांकि, एसडीओ द्वारा पूछताछ करने के बावजूद किसी स्थानिय नागरिक ने संचालक की पहचान नहीं बताई. एसडीओ ने फोन पर घटनास्थल पर मौजूद लोगों की फोटो की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी है.

अवैध बसे दुकानों को ध्वस्त करने के निर्देश

बता दें कि इससे पहले भी इस जिले में अवैध शराब और गैस कटिंग जैसे मामले देखने को मिले हैं. सरायकेला में एसडीओ ने गम्हरिया अंचल के अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार को आमीन द्वारा सीमांकन करवरकर सरकारी भूमि पर बसे अवैध दुकानों को बुलडोजर द्वारा ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं. इस निर्देश के बाद जनता ने राहत की सांस ली, क्योंकि इससे अवैध कब्ज़े हटेंगे. 

प्रशासन की इस त्वरित और औचक छापेमारी की कार्रवाई के बाद पिछले चार दिनों से भूखे-प्यासे सड़कों पर धक्के खा रहे परेशान स्थानीय उपभोक्ताओं ने थोड़ी राहत की सांस ली है.  उपभोक्ताओं ने मांग की है कि प्रशासन सिर्फ नोटिस देकर शांत न बैठे, बल्कि केसरी गैस एजेंसी के पिछले एक हफ्ते के पूरे स्टॉक रजिस्टर की उच्च स्तरीय ऑडिट कराए ताकि कालाबाजारी के इस बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सके.  इससे उपभोक्ताओं को बिना किसी परेशानी के समय पर गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी सुनिश्चित हो सकेगी.